सरायकेला: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निर्देश पर शनिवार को उत्पाद विभाग ने नीमडीह थाना क्षेत्र के ग्राम जुगीलोंग में अवैध शराब के अड्डों पर जोरदार छापेमारी की।

छापेमारी की बड़ी बातें:
- भारी मात्रा में जब्ती: अभियान के दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने 6 अवैध चुलाई अड्डों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। मौके से करीब 1500 किलोग्राम जावा महुआ और 80 लीटर तैयार चुलाई शराब बरामद की गई।
- बड़ी कार्रवाई: अधीक्षक उत्पाद क्षितिज विजय मिंज के नेतृत्व में टीम ने अवैध भट्टियों को नष्ट कर सामग्री को मौके पर ही विनष्ट कर दिया। फरार संचालकों के खिलाफ झारखंड उत्पाद अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जा रहा है।
बड़ा सवाल: दबिश के बावजूद गिरफ्तारी क्यों नहीं?
स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों ने छापेमारी की इस प्रक्रिया पर कुछ गंभीर सवाल भी उठाए हैं:
- सूचना का लीक होना: चर्चा है कि पुलिस और विभाग की दबिश से पहले ही खबर लीक हो जाती है, जिससे मुख्य आरोपी मौके से भाग निकलते हैं। यही कारण है कि भारी जब्ती के बावजूद आज तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
- फिर शुरू हो जाता है कारोबार: स्थानीय लोगों का कहना है कि नीमडीह क्षेत्र में करीब 15-20 मिनी भट्टियां सक्रिय हैं। प्रशासन के जाते ही कुछ दिनों बाद ये भट्टियां फिर से धधकने लगती हैं।
चुनाव के चलते बॉर्डर इलाकों पर पैनी नजर
उत्पाद अधीक्षक क्षितिज विजय मिंज ने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे इलाकों में चुनाव के दौरान शराब की तस्करी की प्रबल आशंका रहती है। इसे रोकने के लिए यह विशेष अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही संचालकों को चिन्हित कर जेल भेजा जाएगा।
जनता की मांग: ग्रामीणों का कहना है कि जब तक अवैध कारोबारियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक इस गोरखधंधे पर लगाम लगाना नामुमकिन है।
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