सारंडा में महासंग्राम: 5000 जवानों ने 21 KM का इलाका घेरा, एक करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा बैकफुट पर

Johar News Times
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पश्चिमी सिंहभूम: झारखंड के सारंडा जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के सुरक्षित गढ़ माने जाने वाले 21 किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया है। इस घेराबंदी में 53 नक्सली फंस गए हैं, जिनमें एक करोड़ का इनामी नक्सली और भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा और असीम मंडल का दस्ता शामिल है।

ऑपरेशन ‘सारंडा’ की मुख्य बातें:

  • ज्वाइंट ऑपरेशन: झारखंड और ओडिशा पुलिस के साथ सीआरपीएफ (CRPF) और कोबरा (CoBRA) के करीब 5000 जवान इस मिशन में शामिल हैं।
  • नेत्रा ड्रोन का पहरा: नक्सलियों की सटीक लोकेशन ट्रैक करने के लिए अत्याधुनिक ‘नेत्रा’ (ड्रोन कैमरों) का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • रास्ते सील: मुठभेड़ स्थल की ओर जाने वाले सारंडा के सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है ताकि नक्सली ओडिशा की सीमा में न भाग सकें।

IED बना सुरक्षाबलों के लिए चुनौती, जवान घायल

नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को रोकने के लिए पूरे रास्ते में सीरीज आईईडी (IED) बिछा रखी है। सूखे पत्तों की वजह से इन विस्फोटकों का पता लगाना बेहद मुश्किल हो रहा है।

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  • ताजा घटना: बाबुडेरा के पास सर्च ऑपरेशन के दौरान हुए आईईडी ब्लास्ट में कोबरा बटालियन-210 के हेड कांस्टेबल अभिनय कुमार मित्तल गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। धमाका इतना जोरदार था कि जवान का एक पैर उड़ गया। उन्हें तत्काल एयरलिफ्ट कर बेहतर इलाज के लिए रांची भेजा गया है।
  • अब तक का नुकसान: पिछले दो दिनों में हुई मुठभेड़ और ब्लास्ट में सुरक्षाबलों के कुल छह जवान जख्मी हुए हैं।

नक्सलियों के पास सिर्फ दो विकल्प

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नक्सली नेतृत्व अब चारों तरफ से घिर चुका है। उनके पास अब केवल दो ही रास्ते बचे हैं:

  1. या तो वे हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दें।
  2. या फिर सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई का सामना करें।

सफेदपोश मददगारों पर भी नजर

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के सफाए के बाद अब उसी तकनीक को सारंडा में आजमाया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारी खुद इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं और अतिरिक्त बलों को संवेदनशील इलाकों में भेजा गया है। लक्ष्य स्पष्ट है—मिसिर बेसरा के दस्ते को खत्म कर सारंडा को पूरी तरह नक्सल मुक्त घोषित करना।


जोहार न्यूज़ टाइम्स प्रशासन से मांग करता है कि एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण में सुरक्षा मानकों की तुरंत समीक्षा की जाए। joharnewstimes.com

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