जमशेदपुर: , पूर्वी सिंहभूम जिले में शिक्षा विभाग ने एक बड़ा खुलासा किया है। जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) आशीष कुमार पांडेय के अनुसार, जिले में 84 स्कूल अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों के पास न तो भारत सरकार का यू-डायस (U-DISE) कोड है और न ही किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड (JAC, CBSE, ICSE या NIOS) की संबद्धता। इन स्कूलों में फिलहाल करीब 18,000 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिनका भविष्य कानूनी तौर पर अधर में है।

331 स्कूल और भी हैं रडार पर
रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में स्थिति और भी गंभीर है। 84 पूरी तरह अवैध स्कूलों के अलावा 331 ऐसे स्कूल भी चिह्नित किए गए हैं जिनके पास यू-डायस कोड तो है, लेकिन उन्होंने किसी बोर्ड से मान्यता नहीं ली है। इन स्कूलों में भी लगभग 33,000 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। शिक्षा विभाग अब इन सभी पर नकेल कसने की तैयारी में है।
इन स्कूलों में पढ़ने के बड़े खतरे:
अवैध या बिना मान्यता वाले स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने से भविष्य में कई गंभीर तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं:
- एडमिशन में बाधा: अगर बच्चा नवोदय, नेतरहाट या सैनिक स्कूल जैसे बड़े संस्थानों की प्रवेश परीक्षा पास भी कर ले, तो इन स्कूलों की टीसी (Transfer Certificate) मान्य नहीं होने के कारण एडमिशन नहीं मिल पाएगा।
- टीसी (TC) की समस्या: दूसरे राज्य या जिले में ट्रांसफर होने पर इन स्कूलों की टीसी पर डीईओ (DEO) का काउंटर साइन नहीं हो सकेगा।
- अपार (APAAR) और पेन (PEN) आईडी: भारत सरकार के निर्देशानुसार हर छात्र की डिजिटल पहचान अनिवार्य है। बिना मान्यता वाले स्कूलों के छात्र डेटा पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पाएंगे, जिससे उनकी पहचान अधूरी रह जाएगी।
20 अप्रैल तक का ‘अंतिम मौका’
शिक्षा विभाग ने स्कूलों को अंतिम चेतावनी देते हुए एक अवसर दिया है। पूर्वी सिंहभूम जिले के ऐसे सभी स्कूलों को 20 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करने का निर्देश दिया गया है।
- विभाग का स्पष्ट कहना है कि यदि स्कूल किसी भी बोर्ड से मान्यता हासिल कर लेते हैं, तो उन्हें यू-डायस कोड जारी कर दिया जाएगा।
- इसके बाद भी यदि स्कूल बगैर मान्यता के संचालित पाए जाते हैं, तो उन्हें बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।
जोहार न्यूज़ टाइम्स की अपील: सभी अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला कराने से पहले स्कूल के यू-डायस कोड और बोर्ड मान्यता की जांच अवश्य करें, ताकि आपके बच्चे का साल और भविष्य बर्बाद न हो।
जोहार न्यूज़ टाइम्स प्रशासन से मांग करता है कि एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण में सुरक्षा मानकों की तुरंत समीक्षा की जाए। joharnewstimes.com
















