रांची, झारखंड में मनरेगा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल अब धीरे-धीरे व्यापक रूप लेती जा रही है। ताजा जानकारी के अनुसार, राज्य के कई जिलों से खबर मिल रही है कि प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO) भी अब इस हड़ताल में शामिल हो रहे हैं या शामिल होने की प्रक्रिया में हैं।
मनरेगा कर्मचारी संघ के राज्यस्तरीय आह्वान के तहत पहले 9 से 11 मार्च तक सांकेतिक हड़ताल की गई थी। इसके बाद 12 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है, जो अब और तेज होती नजर आ रही है।
शुरुआती चरण में कई बीपीओ वित्तीय वर्ष के अंतिम कार्यों को ध्यान में रखते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहे। हालांकि, समय के साथ संघ के दबाव और सेवा सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता के कारण वे भी अब आंदोलन का हिस्सा बनते जा रहे हैं।
इसी क्रम में कोडरमा सहित कई जिलों में बीपीओ द्वारा प्रशासन को पत्र देकर हड़ताल में शामिल होने की औपचारिक सूचना दी जा रही है। इन पत्रों में लंबे समय से लंबित मांगों, जैसे नियमितीकरण, वेतनमान में सुधार और भविष्य की सेवा सुरक्षा का उल्लेख करते हुए सरकार से सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की मांग की गई है।









