रांची: बोकारो की एक 18 वर्षीय युवती के साल 2025 से लापता होने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को वर्चुअल माध्यम से पेश होने का निर्देश दिया।
कोर्ट में क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान अदालत को एक चौंकाने वाली जानकारी दी गई। याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि लापता युवती के एक रिश्तेदार को पिंडराजोड़ा थाना बुलाकर पुलिस ने कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट की। इस मारपीट में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं।
हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी:
- जवाबदेही पर सवाल: कोर्ट ने पुलिस की इस कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताते हुए पूछा कि इस लापरवाही और मारपीट के लिए बोकारो एसपी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई क्यों न की जाए।
- जांच में देरी: साल 2025 से अब तक युवती का सुराग न मिल पाने को कोर्ट ने पुलिस की विफलता बताया और कहा कि जांच में देरी और लापरवाही की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
DGP को विस्तृत रिपोर्ट का निर्देश:
वर्चुअल रूप से पेश हुए DGP ने मामले की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। अदालत ने उन्हें पूरे घटनाक्रम और अब तक की गई कार्रवाई पर एक विस्तृत रिपोर्ट (Detailed Report) पेश करने का निर्देश दिया है। साथ ही, अगली सुनवाई में भी उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने को कहा गया है।
हाईकोर्ट की इस सख्ती के बाद बोकारो जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की अगली सुनवाई पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं।
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