धनबाद में आधी रात मौत का तांडव: गैस कटर सिलेंडर ब्लास्ट में दो की मौत, दो की हालत नाजुक

Midnight death toll in Dhanbad: Two killed, two in critical condition in gas cutter cylinder blast

Johar News Times
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धनबाद (मुनीडीह): कोयलांचल के मुनीडीह क्षेत्र में शनिवार की रात एक भीषण हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। गैस कटर का सिलेंडर अचानक फटने से हुए जोरदार धमाके और उसके बाद रिसने वाली जहरीली गैस की चपेट में आने से दो व्यक्तियों की मौत हो गई है, जबकि दो अन्य अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।

आधी रात धमाका और जहरीली गैस का रिसाव

जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा शनिवार की आधी रात के आसपास हुआ। जिस वक्त धमाका हुआ, घटनास्थल पर लगभग 8 से 10 लोग मौजूद थे।

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  • दहशत का माहौल: विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज दूर तक सुनाई दी।
  • दमघोंटू गैस: सिलेंडर फटने के तुरंत बाद वहां जहरीली गैस फैल गई। मौके पर मौजूद लोग बदहवास होकर भागने लगे, लेकिन गैस के प्रभाव से कई लोगों का दम घुटने लगा और वे बेहोश होकर गिरने लगे।

अस्पताल में टूटा दुखों का पहाड़

परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज-अस्पताल (SNMMCH) ले जाया गया।

  • मृतक: डॉक्टरों ने जांच के बाद संजय यादव और मोहम्मद अजहरुद्दीन को मृत घोषित कर दिया।
  • गंभीर घायल: मोहम्मद अब्राहिम और मोहम्मद इमामुद्दीन की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जिनका उपचार विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है।

परिजनों की आपबीती: मृतक संजय यादव के परिजनों ने बताया कि रात करीब 1 बजे जब वह घर लौटे, तो उन्हें सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ हो रही थी और लगातार खांसी आ रही थी। कुछ ही देर में उनके मुंह से झाग निकलने लगा और अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उन्होंने दम तोड़ दिया।


सुरक्षा मानकों पर सवाल: पुलिसिया जांच शुरू

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मुनीडीह क्षेत्र में पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है:

  1. कार्य की प्रकृति: आखिर आधी रात को वहां किस तरह का काम चल रहा था?
  2. लापरवाही या तकनीकी खराबी: क्या सिलेंडर एक्सपायर्ड था या गैस कटर के इस्तेमाल में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) की अनदेखी की गई?
  3. गैस का प्रभाव: पुलिस यह भी पता लगा रही है कि सिलेंडर में कौन सी गैस थी जिसने इतनी जल्दी लोगों के श्वसन तंत्र को प्रभावित किया।

निष्कर्ष: धनबाद के औद्योगिक और माइनिंग क्षेत्रों में सुरक्षा के प्रति बरती जा रही लापरवाही एक बार फिर निर्दोषों की जान पर भारी पड़ी है। फिलहाल इलाके में सन्नाटा पसरा है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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