सरायकेला बैंक घोटाला: एसीबी कोर्ट का बड़ा फैसला, तत्कालीन मैनेजर समेत तीन दोषियों को 10-10 साल तक की सजा

Johar News Times
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जमशेदपुर/सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के चर्चित सहकारी बैंक घोटाले में एसीबी (ACB) कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो मुख्य दोषियों को 10-10 साल और एक अन्य को 5 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

न्यायाधीश पीयूष श्रीवास्तव की अदालत ने सुनाया फैसला

एसीबी कोर्ट के न्यायाधीश पीयूष श्रीवास्तव की अदालत ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। सजा पाने वालों में शामिल हैं:

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  • सुनील कुमार सतपति (तत्कालीन बैंक मैनेजर): 10 साल का सश्रम कारावास और ₹1.20 लाख जुर्माना।
  • संजय कुमार डालमिया (व्यापारी): 10 साल का सश्रम कारावास और ₹1.20 लाख जुर्माना।
  • मनीष देवगम (बैंक कर्मी): 5 साल का सश्रम कारावास और ₹15 हजार जुर्माना।

क्या था पूरा मामला?

यह घोटाला वर्ष 2013-14 के दौरान का है, जिसमें सरायकेला के सहकारी बैंक से लगभग 33 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की गई थी। जांच में पाया गया कि इन लोगों ने मिलीभगत कर धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और जाली दस्तावेजों के सहारे सरकारी राशि का गबन किया था।

CID और ACB की जांच में हुए बड़े खुलासे

इस बड़े वित्तीय घोटाले की परतें खोलने में सीआईडी (CID) के तत्कालीन कोल्हान क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक अनिमेष गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके द्वारा की गई गहन जांच और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर वर्ष 2019 में एसीबी द्वारा औपचारिक मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने इन साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए तीनों को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का दोषी पाया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश

कानूनी जानकारों का मानना है कि इस फैसले से बैंकिंग क्षेत्र में भ्रष्टाचार करने वालों को एक कड़ा संदेश गया है। 33 करोड़ के इस गबन ने उस समय पूरे राज्य की बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। अब दोषियों को जेल भेजे जाने से पीड़ित खाताधारकों और आम जनता को न्याय की उम्मीद जगी है।

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ब्यूरो रिपोर्ट

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