जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर पिछले तीन दिनों से आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति के रंग में सराबोर रही। नारायणी सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित प्रसिद्ध कथावाचक जया किशोरी जी के तीन दिवसीय ‘नानी बाई का मायरा’ कार्यक्रम का आज भव्य समापन हुआ। इस दौरान पूरा पंडाल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गूंजता रहा।
युवा पीढ़ी को सनातन से जोड़ने का प्रयास
कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और सनातन धर्म के मूल्यों से अवगत कराना है। भक्त और भगवान के बीच के अनन्य प्रेम को नानी बाई का मायरा कथा के माध्यम से बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक बदलाव आता है।
सांसद की धर्मपत्नी और गणमान्य जनों की रही मौजूदगी
कथा के अंतिम दिन भी कई विशिष्ट अतिथियों ने हाजिरी लगाई। जमशेदपुर के सांसद की धर्मपत्नी ने भी लगातार तीन दिनों तक कथा का श्रवण किया। उन्होंने जया किशोरी जी की सादगी और उनके प्रवचनों की शैली की सराहना करते हुए कहा:
“जया जी का स्वभाव और उनकी सादगी दिल को छू लेती है। उनका कथा कहने का तरीका इतना प्रभावशाली है कि युवा भी उनसे जुड़ाव महसूस करते हैं। हमें अपनी संस्कृति को कभी नहीं भूलना चाहिए और उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाना चाहिए।”
श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब: 16 साल बाद फिर दिखा वही उत्साह
जमशेदपुरवासियों के लिए यह सौभाग्य की बात रही कि जया किशोरी जी लगभग 16 वर्षों के बाद पुनः इस शहर में कथा वाचन के लिए आईं। साकची और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जया जी ने नरसी मेहता की शरणागति और भगवान द्वारा उनकी सहायता की जो व्याख्या की, वह अद्भुत थी।
भक्ति और व्यापार का समन्वय
कार्यक्रम में मौजूद मारवाड़ी समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मारवाड़ी समाज हमेशा से कर्मशील रहा है। व्यापार के साथ-साथ अपनी संस्कृति और भक्ति भाव को जीवित रखना इस समाज की विशेषता है। नारायणी सेवा ट्रस्ट की इस पहल ने पूरे शहर के माहौल को भक्तिमय बना दिया।
निष्कर्ष: जीवन जीने की नई दिशा
तीन दिनों तक चले इस भव्य कार्यक्रम ने न केवल लोगों को आध्यात्मिक शांति दी, बल्कि जीवन जीने की एक नई दिशा भी दिखाई। विशेषकर युवाओं के लिए यह कार्यक्रम एक मार्गदर्शक की तरह रहा, जहाँ उन्हें भक्ति, भावना और निस्वार्थ प्रेम की सीख मिली।
ब्यूरो रिपोर्ट, जमशेदपुर










