चाईबासा ब्लड बैंक मामले में आरोपी डॉक्टरों को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत, संक्रमित खून चढ़ाने के केस में मिली राहत

चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक से जुड़े चर्चित संक्रमित रक्त मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने आरोपी चिकित्सकों को बड़ी राहत दी है।

Johar News Times
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चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक से जुड़े चर्चित संक्रमित रक्त मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने आरोपी चिकित्सकों को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने मामले में दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनों डॉक्टरों को अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया है। अदालत से राहत पाने वालों में चाईबासा के तत्कालीन सिविल सर्जन एवं ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. सुशांतो कुमार मांझी और मेडिकल ऑफिसर ब्लड बैंक डॉ. दिनेश चंद्र शामिल हैं। दोनों चिकित्सकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रूपेश सिंह और अधिवक्ता हर्षित सहाय ने पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अग्रिम जमानत मंजूर कर ली।

पांच बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाने का है आरोप
यह मामला इस वर्ष 6 फरवरी 2026 को दर्ज हुई प्राथमिकी से जुड़ा है। चाईबासा थाना में कांड संख्या 18/2026 के तहत दोनों डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप है कि सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में गंभीर लापरवाही के चलते पांच मासूम बच्चों को बिना समुचित जांच के संक्रमित रक्त चढ़ा दिया गया।

जांच में सभी बच्चे मिले एचआईवी पॉजिटिव
आरोपों के अनुसार रक्त चढ़ाने के बाद जब बच्चों की चिकित्सकीय जांच कराई गई तो सभी पांच बच्चे एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे झारखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे थे और मामले ने व्यापक जनआक्रोश पैदा किया था। सरकार ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की थी।

गिरफ्तारी से बचने के लिए पहुंचे थे हाईकोर्ट
एफआईआर दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए दोनों डॉक्टरों ने झारखंड हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। विस्तृत सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें राहत देते हुए अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। मामले की जांच और अन्य कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी।

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