पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में मुहर्रम की सातवीं तारीख के अवसर पर अकीदत और श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। मंगलवार देर रात से शुरू होकर बुधवार सुबह तक चले इस भव्य जुलूस के दौरान पूरा शहर “या हसन-या हुसैन” के नारों और मातमी सदाओं से गूंजता रहा।
विभिन्न कमेटियों और मोहल्लों से आए हुसैनी भाइयों ने पारंपरिक हथियारों के साथ शौर्य और हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ी।
कर्बला से हुई शुरुआत, इन प्रमुख मार्गों से गुजरा जुलूस
पहाड़ी मोहल्ला स्थित कर्बला से मुहर्रम इंतजामिया कमेटी के जनरल खलीफा जीशान खान के नेतृत्व में आधिकारिक रूप से जुलूस का आगाज हुआ।
यह जुलूस शाह मोहल्ला, कन्नी राम चौक, सत्तार सेठ चौक, विष्णु मंदिर रोड, चावल पट्टी, महावीर मंदिर रोड, घड़ा पट्टी, जैन मंदिर रोड और पंच मुहान होते हुए थाना परिसर पहुंचा। थाना परिसर में पारंपरिक खेलों के शानदार प्रदर्शन के बाद जुलूस लाल कोठा, गीता भवन, शहीद भगत सिंह चौक से होते हुए पुनः कर्बला पहुंचकर संपन्न हुआ।
इन मोहल्लों के निशान रहे शामिल: कुंड मोहल्ला, कांजी हाउस मोहल्ला, झोपड़पट्टी, राहत नगर, हुसैन नगर, पहाड़ी मोहल्ला, मुस्लिम नगर, कसाव मोहल्ला, धोबी मोहल्ला और शास्त्री नगर सहित कई इलाकों के लोग अपने-अपने पारंपरिक निशानों के साथ शामिल हुए। बुधवार सुबह करीब 10 बजे इस भव्य आयोजन का समापन हुआ।
विभिन्न इलाकों में भी कमेटियों ने पेश की अकीदत
मुख्य जुलूस के अलावा शहर के अन्य हिस्सों में भी मुहर्रम की सातवीं का उत्साह देखने को मिला:
- शाने हुसैन कमेटी: नावाटोली और बेलवाटिका में जुलूस निकाला।
- मिल्लत-ए-आजाद कमेटी: सुदना क्षेत्र में नेतृत्व किया।
- नवजवान हुसैनिया कमेटी: बैरिया इलाके से जुलूस निकाला।
इसके साथ ही कर्बला हुसैन कमेटी, केजीएन कमेटी, जन्नत-ए-हुसैन कमेटी, मिल्लत इस्लामिया हुसैन कमेटी, हैदर-ए-करार कमेटी और इस्लामिया हवारी कमेटी ने भी पूरे अदब और बाजे-गाजे के साथ निशान उठाए।
पुलिस प्रशासन रहा अलर्ट, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
त्योहार के दौरान शहर में शांति, भाईचारा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पलामू पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। संवेदनशील चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा।
इस शांतिपूर्ण और सफल आयोजन में अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन कमेटी के जिला सदर मुस्तफा कमाल, पूर्व जनरल आफताब आलम, आसिफ राइन उर्फ मोनू समेत बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और हुसैनी भाइयों ने सक्रिय और सराहनीय भूमिका निभाई।
