मंगलवार को रांची स्थित JSCA स्टेडियम में JPL फाइनल मैच के दौरान उम्मीद से कहीं अधिक संख्या में दर्शक पहुंच गए। पश्चिमी गेट पर प्रवेश के दौरान भीड़ का दबाव बढ़ने से लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे और भगदड़ मच गई। हालात बिगड़ने पर नाराज दर्शकों ने गेट भी तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मैच शुरू होने से पहले हजारों लोग एक साथ स्टेडियम में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पर्याप्त बैरिकेडिंग और पुलिस बल की व्यवस्था नहीं थी। धक्का-मुक्की में महिलाएं, बच्चे और युवा घायल हो गए। घटना में 8 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इनमें 5 को राज अस्पताल, 2 को सदर अस्पताल और 1 को पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक अधिकांश घायल खतरे से बाहर हैं, लेकिन एक युवती के पेट में गंभीर चोट आने के कारण उसे विशेष निगरानी में रखा गया है।
हादसे की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने पांच 108 एंबुलेंस स्टेडियम भेजीं। सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि देर रात तक घायलों का इलाज जारी रहा और अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया। इस घटना के बाद रांची पुलिस और स्टेडियम प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। दर्शकों का कहना है कि फाइनल मुकाबले में भारी भीड़ की संभावना पहले से थी, इसके बावजूद पर्याप्त सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के इंतजाम नहीं किए गए। बड़े खेल आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यह घटना गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
