भालूबासा क्षेत्र में पिछले दिनों चले अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान अपनी दुकानें और आजीविका गंवाने वाले छह (6) छोटे विस्थापित दुकानदारों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। अचानक आए इस आजीविका संकट से जूझ रहे इन फुटपाथी और छोटे व्यवसायियों के सम्मानजनक पुनर्वास (Rehabilitation) की दिशा में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की विधायक पूर्णिमा साहू ने इस मानवीय मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। उन्होंने जिला उपायुक्त (डीसी) को एक आधिकारिक पत्र लिखकर प्रभावित दुकानदारों को अविलंब वैकल्पिक दुकानें उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है। विधायक ने स्पष्ट कहा कि इन गरीब परिवारों का भरण-पोषण पूरी तरह से इन्हीं दुकानों पर निर्भर है, इसलिए पुनर्वास की इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए।
खुद दुकानदारों को लेकर जेएनएसी (JNAC) कार्यालय पहुंचीं विधायक
केवल पत्र लिखने तक सीमित न रहकर विधायक पूर्णिमा साहू स्वयं सभी छह प्रभावित दुकानदारों को साथ लेकर जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) के कार्यालय पहुंचीं। वहाँ उन्होंने विशेष पदाधिकारी और संबंधित अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होकर सभी दुकानदारों के जरूरी कागजात, पहचान पत्र और आवश्यक दस्तावेज जमा करवाए। विधायक ने जेएनएसी प्रशासन से आग्रह किया कि इन विस्थापितों को नई दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता सूची में रखकर जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

कागजी प्रक्रिया शुरू, दुकानदारों में लौटी उम्मीद की किरण
जेएनएसी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विधायक के सीधे हस्तक्षेप के बाद दुकान आवंटन से संबंधित विभागीय और कागजी प्रक्रिया युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई है। बहुत जल्द ही सभी प्रभावित दुकानदारों को जेएनएसी द्वारा चिन्हित क्षेत्र में नया ठिकाना (वैकल्पिक दुकानें) आवंटित कर दिया जाएगा।
जनता की प्रतिक्रिया: विधायक पूर्णिमा साहू की इस त्वरित और संवेदनशील पहल से पिछले कई दिनों से मानसिक तनाव झेल रहे पीड़ित दुकानदारों और उनके परिजनों में एक बार फिर उम्मीद और खुशी का माहौल है। स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध समाज ने भी विधायक के इस प्रयास को बेहद संवेदनशील और जनहित में उठाया गया एक अनुकरणीय कदम बताया है।

