डुमरिया प्रखंड के कांटाशोल स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण चरमराई पठन-पाठन व्यवस्था को लेकर आखिरकार विभाग ने बड़ी और त्वरित कार्रवाई की है। विद्यालय में उत्पन्न शैक्षणिक संकट और अभिभावकों के भारी आक्रोश को देखते हुए ट्राइबल वेलफेयर कमेटी और संबंधित विभाग तत्काल सक्रिय हो गए हैं। विभाग ने त्वरित संज्ञान लेते हुए सभी 8 अतिथि शिक्षकों (गेस्ट टीचर्स) को अविलंब विद्यालय में योगदान (जॉइन) करने का कड़ा निर्देश जारी कर दिया है। इस फैसले से विद्यालय में पढ़ाई दोबारा पूरी तरह पटरी पर लौटने का रास्ता साफ हो गया है।
अनुबंध नवीनीकरण न होने से एकमात्र प्राचार्य के भरोसे चल रहा था स्कूल
गौरतलब है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश (गर्मी की छुट्टियों) से पहले इस आवासीय विद्यालय में आठ शिक्षक अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर कार्यरत थे। लेकिन छुट्टियां खत्म होने के बाद उनके अनुबंध का समय पर नवीनीकरण (रिन्यूअल) नहीं हो सका था। इसके कारण विद्यालय में नामांकित 136 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई थी और पूरी शैक्षणिक गतिविधियों का जिम्मा अकेले प्राचार्य मधुलिका कुमारी के कंधों पर आ गया था।
रविवार को जुटे थे कई क्षेत्रों के अभिभावक, सोमवार शाम को ही आ गया आदेश
बच्चों के भविष्य और अधर में लटकी पढ़ाई को लेकर चिंतित चक्रधरपुर, राजनगर, चांडिल, जादूगोड़ा और डुमरिया सहित विभिन्न सुदूर क्षेत्रों के अभिभावक रविवार को एकजुट होकर विद्यालय परिसर पहुंचे थे। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन से मिलकर गहरी चिंता जताई थी और जल्द से जल्द शिक्षकों की नियुक्ति न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी थी। अभिभावकों की इस न्यायसंगत पहल और दबाव का असर यह हुआ कि विभाग ने सोमवार की शाम को ही सभी 8 अतिथि शिक्षकों को दोबारा सेवा में वापस लौटने और योगदान देने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया।
ट्राइबल वेलफेयर कमेटी से मिली मंजूरी: प्राचार्य
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए विद्यालय की प्राचार्य मधुलिका कुमारी ने बताया:
“ट्राइबल वेलफेयर कमेटी की उच्च स्तरीय बैठक में शिक्षकों के अनुबंध नवीनीकरण के प्रस्ताव को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। विभाग के निर्देशानुसार सभी आठों शिक्षकों को तत्काल ड्यूटी पर रिपोर्ट करने के लिए सूचित कर दिया गया है। अगले एक से दो दिनों के भीतर सभी शिक्षक अपनी सेवा शुरू कर देंगे, जिसके बाद विद्यालय का माहौल और पठन-पाठन पूरी तरह सामान्य हो जाएगा।”
विभाग की इस बेहद त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई के बाद पिछले कई दिनों से मानसिक तनाव झेल रहे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।
