भालूबासा क्षेत्र में हाल ही में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान प्रभावित हुए छह दुकानदारों के पुनर्वास की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिन दुकानदारों की दुकानें और ठेले हटाए गए थे, उन्हें जल्द ही वैकल्पिक दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी। इस संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जमशेदपुर अक्षेस कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से मुलाकात की और भालूबासा में पहले से निर्मित दुकानों का निरीक्षण किया।
रघुवर दास के कार्यकाल में बनी थीं दुकानें, बिजली-पानी न होने से थीं बंद
निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि भालूबासा में कुल 23 दुकानों का आवंटन पूर्व में ही हो चुका है। ये दुकानें राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल के दौरान बनाई गई थीं।
- आवंटन के बावजूद बिजली और पानी की सुविधा न होने के कारण अधिकांश दुकानदार यहाँ अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पाए थे।
- उस समय भी जुस्को से बिजली-पानी उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था, लेकिन समय के साथ प्रक्रिया धीमी पड़ गई और मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
JNAC जारी करेगा फंड, मरम्मत के बाद होगा आवंटन
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से मांग की कि अतिक्रमण से प्रभावित हुए 6 दुकानदारों को प्राथमिकता के आधार पर इन दुकानों का आवंटन किया जाए।
JNAC अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से बंद रहने के कारण दुकानों की वर्तमान स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए जेएनएसी द्वारा इसकी मरम्मत के लिए विशेष फंड जारी किया जाएगा। मरम्मत का कार्य पूरा होते ही प्रभावित दुकानदारों को दुकानें सौंप दी जाएंगी।
जुस्को प्रबंधन से मिलकर दूर होगी बिजली-पानी की किल्लत
प्रभावित दुकानदारों को राहत देने के साथ-साथ यह भी निर्णय लिया गया है कि जल्द ही जुस्को प्रबंधन के साथ एक बैठक की जाएगी। इसका उद्देश्य दुकानों में बिजली और पानी का कनेक्शन बहाल कराना है, ताकि जिन लोगों को पहले से दुकानें आवंटित हैं, वे भी बिना किसी परेशानी के अपना कारोबार शुरू कर सकें।
प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन और संबंधित विभागों के आपसी तालमेल से भालूबासा का यह मार्केट जल्द ही पूरी तरह गुलजार हो जाएगा।
