डुमरिया स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय इन दिनों बदहाली के दौर से गुजर रहा है। विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। इस आवासीय विद्यालय में कक्षा छह से नौ तक कुल 176 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि फिलहाल पूरी शैक्षणिक गतिविधियां केवल एकमात्र प्रधानाचार्य के भरोसे संचालित हो रही हैं।
इसी सिलसिले में रविवार को सरायकेला, घाटशिला, चक्रधरपुर, राजनगर, इचागढ़, कुचाई, चाकुलिया, चौका और गम्हरिया समेत विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अभिभावक विद्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रधानाचार्य मधुलिका कुमारी से मुलाकात कर जल्द से जल्द विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की और कहा कि शिक्षकों के बिना नियमित कक्षाएं नहीं चल पा रही हैं, जिससे बच्चों का भविष्य अंधकार में है।
खाने में मिले कीड़े, बिजली गुल होने पर छात्राओं ने छत पर गुजारी रात
शिक्षकों की कमी के अलावा अभिभावकों ने विद्यालय की प्रशासनिक और आवासीय व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। अभिभावकों द्वारा लगाए गए मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:
- घटिया भोजन और कीड़े: बच्चों को भोजन में कीड़े लगी सोयाबीन की सब्जी परोसी गई, जिसकी जानकारी विद्यार्थियों ने घर जाकर अपने माता-पिता को दी। इसके साथ ही छात्रावास में निर्धारित सरकारी मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिए जाने का भी आरोप है।
- बिजली की बदहाली: विद्यालय में बिजली की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। हालत यह है कि पिछले दिनों बिजली गुल होने के कारण छात्राओं को पूरी रात स्कूल की छत पर सोकर बितानी पड़ी, जिससे उनकी सुरक्षा पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा था।
अभिभावकों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर शिक्षकों की नियुक्ति और व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो वे जिला मुख्यालय पहुंचकर उपायुक्त (DC) का घेराव करेंगे।
अनुबंध समाप्त होने से आई दिक्कत, दो दिनों में सुधरेगी स्थिति: प्रधानाचार्य
इस पूरे मामले पर विद्यालय की प्रधानाचार्य मधुलिका कुमारी ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में पहले आठ अनुबंधित (Contractual) शिक्षक कार्यरत थे, लेकिन उनका अनुबंध समाप्त हो जाने के कारण यह संकट खड़ा हुआ है।
प्रधानाचार्य ने अभिभावकों को आश्वासन देते हुए कहा कि रांची स्थित विभागीय मुख्यालय से इस संबंध में उनकी सकारात्मक बातचीत हो चुकी है और नए शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। उन्होंने दावा किया कि अगले दो दिनों के भीतर नए शिक्षक विद्यालय में अपना योगदान दे देंगे, जिसके बाद पढ़ाई और अन्य गतिविधियां पूरी तरह सामान्य हो जाएंगी।
