झारखंड में मॉनसून की दस्तक के साथ ही आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। पिछले 24 घंटों के भीतर राज्य के अलग-अलग जिलों में वज्रपात की चपेट में आने से 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
यह आपदा रामगढ़, गिरिडीह, खूंटी, देवघर, धनबाद और साहिबगंज जिलों में बरपी है। मृतकों में एक सीपीआई नेता, एक वार्ड सदस्य और किसान भी शामिल हैं।
खेतों और खुले स्थानों पर आफत बनकर गिरी बिजली
मिली जानकारी के अनुसार, अधिकांश हादसे उस वक्त हुए जब लोग खेतों में काम कर रहे थे या बारिश से बचने के लिए खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े थे।
- रामगढ़, गिरिडीह, खूंटी, देवघर, धनबाद और साहिबगंज जिलों से मौत की खबरें सामने आई हैं।
- मृतकों में आम ग्रामीणों के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हैं, जिससे इलाकों में शोक की लहर है।
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन की चेतावनी
मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज हवाओं के साथ गर्जन और भारी वज्रपात की चेतावनी जारी की है। लगातार हो रही इन घटनाओं को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
प्रशासन की जनता से अपील:
खराब मौसम या कड़कने की आवाज सुनाई देने पर खुले मैदानों, खेतों और पेड़ों के नीचे कतई शरण न लें।
बिजली के खंभों, ऊंचे टावरों और पक्के मकानों के छज्जों से दूर रहें।
सुरक्षित स्थानों या कंक्रीट की छतों वाले कमरों के अंदर ही रहें और मौसम संबंधी सरकारी अलर्ट का पालन करें।
