टाटा स्टील जमशेदपुर के करीब 10 हजार कर्मचारियों का वेज रिवीजन 1 जनवरी 2025 से लंबित है। प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच 50 से अधिक दौर की वार्ता हो चुकी है और उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ दिनों में समझौते पर मुहर लग सकती है। हालांकि यूनियन नेतृत्व पर इस बार पिछली बार से बेहतर वेज रिवीजन कराने का दबाव है, क्योंकि सिर्फ सात महीने बाद यूनियन चुनाव होने हैं। यूनियन अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी ने पूर्व अध्यक्ष आर. रवि प्रसाद के कार्यकाल में हुए वेज समझौते की कमियों को मुद्दा बनाकर नेतृत्व हासिल किया था। ऐसे में कर्मचारियों की अपेक्षा है कि इस बार समझौता अधिक लाभकारी हो।
एमजीबी पर टिकी कर्मचारियों की नजर
पिछले वेज समझौते में ओल्ड ग्रेड कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) की अधिकतम सीमा फ्रीज कर दी गई थी। इसके कारण इस बार कर्मचारियों की सबसे बड़ी उम्मीद मिनिमम गारंटीड बेनिफिट (MGB) से जुड़ी है। प्रबंधन जहां 10 प्रतिशत तक एमजीबी देने के संकेत दे रहा है, वहीं यूनियन इसे 13 प्रतिशत तक ले जाने की कोशिश में है। पिछले समझौते में 12.75 प्रतिशत एमजीबी मिला था। एनएस (न्यू सीरीज) कर्मचारियों के लिए अलग एमजीबी तय करने पर भी चर्चा चल रही है। यूनियन की कोशिश है कि उन्हें समकक्ष ओल्ड ग्रेड कर्मचारियों के वेतनमान का लगभग 15 प्रतिशत तक लाभ मिल सके।
एनएस कर्मचारियों को डीए सुधार की उम्मीद
न्यू सीरीज कर्मचारियों की लंबे समय से मांग रही है कि उनके डीए ढांचे में सुधार हो। संकेत हैं कि डीए की मौजूदा फिक्स राशि बढ़ाई जा सकती है। पिछली बार इसे 500 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये किया गया था। कर्मचारियों को उम्मीद है कि इस बार यह राशि 2,000 से 2,500 रुपये तक पहुंच सकती है।
नए भत्तों और सुविधाओं पर नजर
टाटा स्टील में लगभग हर वेज समझौते के साथ कोई न कोई नया भत्ता जुड़ता रहा है। पिछली बार टीम परफॉर्मेंस रिवार्ड (TPR), इंटरनेट भत्ता और शिक्षा भत्ते में बड़ा बदलाव किया गया था। इस बार कर्मचारियों को पेंशन या अन्य नई सुविधाओं से जुड़े भत्तों की उम्मीद है। हालांकि एलाउंस के एरियर की उम्मीद कर रहे कर्मचारियों को निराशा हाथ लग सकती है, क्योंकि इस पर सहमति बनने की संभावना कम मानी जा रही है।
रोजगार सृजन की भी उम्मीद
2019 के वेज समझौते में कर्मचारी पुत्रों के लिए बिना इंटरव्यू 500 नई नौकरियों का प्रावधान किया गया था। इस बार भी कर्मचारियों और यूनियन प्रतिनिधियों को नए रोजगार अवसरों की घोषणा की उम्मीद है। वेज रिवीजन केवल वेतन बढ़ोतरी का मामला नहीं है, बल्कि आगामी यूनियन चुनावों से पहले टाटा वर्कर्स यूनियन नेतृत्व की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता की भी बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।
