सुरदा माइंस के स्थानीय सप्लायरों का 50 करोड़ रुपये भुगतान लंबित, HCL को सौंपा मांग पत्र

सुरदा माइंस के स्थानीय सप्लायरों का 50 करोड़ रुपये भुगतान लंबित, HCL को सौंपा मांग पत्र

Johar News Times
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मुसाबनी के सुरदा माइंस क्षेत्र के स्थानीय ट्रांसपोर्टरों, लेबर सप्लायरों और सेवा प्रदाताओं ने वर्षों से लंबित भुगतान और रोजगार के मुद्दे को लेकर फिर आवाज उठाई है। लोकल सप्लायर मंच के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) के महाप्रबंधक रविंद्र कुमार को मांग पत्र सौंपकर जल्द समाधान की मांग की।

मंच के अनुसार, वर्ष 2017 से स्थानीय ट्रांसपोर्टरों और सप्लायरों का भुगतान लंबित है। इंडियन रिसोर्स लिमिटेड के संचालन काल में 100 से अधिक स्थानीय लोगों ने विभिन्न सेवाएं दी थीं, लेकिन कंपनी के बंद होने के बाद करीब 50 करोड़ रुपये का भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। इससे प्रभावित परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं।

प्रतिनिधियों ने कहा कि एचसीएल, प्रिंसिपल कंपनी होने के नाते, इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने की पहल करे। उनका कहना है कि पूर्व में हुई त्रिपक्षीय बैठकों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने और बकाया भुगतान सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि समझौतों के बावजूद वर्तमान में बाहरी कंपनियों को काम दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय ट्रांसपोर्टर, सप्लायर और मजदूर खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। इससे क्षेत्र में बेरोजगारी और असंतोष बढ़ रहा है।

लोकल सप्लायर मंच ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो मामले को विजिलेंस विभाग, खान मंत्रालय, निदेशक खान, जिला प्रशासन और अन्य सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा तथा विस्तृत जांच की मांग की जाएगी। मंच के प्रतिनिधि मनीष कुमार, के. साहुल हामिद, सोमाय सोरेन, शिबू भगत समेत अन्य सदस्यों ने कहा कि यह संघर्ष केवल बकाया भुगतान का नहीं, बल्कि स्थानीय अधिकारों और सम्मान की लड़ाई भी है।

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