लापता तीन बच्चों का मामला बना सियासी मुद्दा, हटिया स्टेशन के 3 घंटे की गुत्थी में उलझी जांच; भाजपा ने खोला मोर्चा

लापता तीन बच्चों का मामला बना सियासी मुद्दा, हटिया स्टेशन के 3 घंटे की गुत्थी में उलझी जांच; भाजपा ने खोला मोर्चा

Johar News Times
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रांची: धुर्वा से लापता तीन बच्चों—12 वर्षीय जुड़वां भाइयों और उनके एक पड़ोसी मित्र की गुमशुदगी का मामला अब सियासी रंग लेता जा रहा है। करीब दो सप्ताह बाद भी बच्चों का सुराग नहीं मिलने पर भाजपा ने पुलिस जांच पर सवाल उठाए हैं, जबकि जांच एजेंसियां हटिया रेलवे स्टेशन के रहस्यमयी तीन घंटों की कड़ी को सुलझाने में जुटी हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों बच्चे 3 जून को हटिया रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। सीसीटीवी फुटेज में वे स्टेशन परिसर में घूमते, पानी पीते और बैठे हुए दिखाई दिए। लेकिन दोपहर करीब डेढ़ बजे से शाम साढ़े चार बजे तक तकनीकी खराबी के कारण स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे बंद रहे। इसी दौरान बच्चे लापता हो गए। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं वे इसी समय किसी ट्रेन, विशेषकर तपस्विनी एक्सप्रेस, में सवार होकर तो नहीं चले गए। बच्चों की तलाश में रांची पुलिस की एक टीम ओडिशा के पुरी भेजी गई है।

परिवार ने पड़ोसी पर जताया संदेह
जुड़वां बच्चों की मां, जो घरेलू कामकाज कर परिवार चलाती हैं, ने पड़ोस में साइकिल मरम्मत की दुकान चलाने वाले परिवार पर संदेह जताया है। उनका आरोप है कि उनके बच्चे अक्सर पड़ोसियों के साथ रहते थे और दुकान पर छोटे-मोटे काम भी करते थे। मां के अनुसार, 1 जून की रात उन्हें फोन पर बताया गया कि बच्चों पर दुकान से 2500 रुपये चोरी करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उसी रात पड़ोसी उनके मायके पहुंचे और बच्चों को अपने साथ ले गए। इसके बाद से बच्चों का कोई पता नहीं चल सका।

1800 रुपये मांगने वाला निकला साइबर ठग
मामले में एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब बच्चों को घर भेजने के नाम पर करण की मां को फोन कर 1800 रुपये मांगे गए। पुलिस जांच में मोबाइल नंबर की लोकेशन हैदराबाद में मिली और पता चला कि कॉल करने वाला व्यक्ति साइबर ठग था। परिवार ने कोई पैसा नहीं भेजा।

भाजपा ने पुलिस जांच पर उठाए सवाल
बच्चों की बरामदगी में देरी को लेकर भाजपा ने सरकार और पुलिस को घेरना शुरू कर दिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने बच्चों के परिजनों से मुलाकात कर जांच की प्रगति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच में गंभीर चूक हुई है और बच्चों की जल्द बरामदगी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।

शनिवार को भाजपा की ओर से धुर्वा में मशाल जुलूस भी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बच्चों की सकुशल वापसी की मांग करते हुए खोज अभियान में तेजी लाने और मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है, लेकिन बच्चों का कोई ठोस सुराग नहीं मिलने से परिवार और स्थानीय लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

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