प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य विषय “विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास” रहा, जिसमें देश के सभी वर्गों तक विकास का लाभ पहुंचाने तथा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में केंद्र और राज्यों की भूमिका पर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी बैठक में भाग लिया और राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों को परिषद के समक्ष रखा।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सहकारी संघवाद की भावना के साथ केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर देश के विकास को नई गति दे रही हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब सभी राज्य साझेदार की भूमिका निभाते हुए विकास प्रक्रिया में सक्रिय योगदान दें।
प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की शासी परिषद को केंद्र और राज्यों के बीच विकास संबंधी नीतियों, प्राथमिकताओं और योजनाओं के समन्वय का सर्वोच्च मंच बताते हुए कहा कि इस प्रकार की बैठकों से साझा चुनौतियों के समाधान और बेहतर नीति निर्माण में मदद मिलती है।
बैठक में आर्थिक विकास, आधारभूत संरचना, नवाचार, सुशासन, मानव संसाधन विकास, सामाजिक समावेशन तथा राज्यों की विकास योजनाओं सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्यों की भागीदारी और केंद्र-राज्य समन्वय को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
नीति आयोग की यह बैठक ऐसे समय में आयोजित हुई है, जब देश विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियों और समावेशी विकास मॉडल पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है।
