सरायकेला: कुलपटांगा में गूंजी ‘आदिवासी भूमि बचाओ’ की हुंकार, महापंचायत ने प्रशासन को दिया 15 दिनों का अल्टीमेटम

"जमीन हमारी, हक हमारा: सरायकेला में भू-माफियाओं के खिलाफ महासंग्राम!"

Johar News Times
3 Min Read

सरायकेला के कुलपटांगा में रविवार को ‘आदित्यपुर भूमिज मुंडा समाज’ के तत्वावधान में एक विशाल ‘भूमिज मुंडा महापंचायत सह आदिवासी भूमि बचाओ सभा’ का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में सरायकेला, आदित्यपुर, गम्हरिया सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के महिला और पुरुष जुटे। सभा में आदिवासियों की जमीनों पर हो रहे कथित अतिक्रमण, भू-माफियाओं की मनमानी और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर गहरा आक्रोश देखा गया।

📌 महापंचायत की मुख्य बातें:

  • समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि भू-माफिया और दलालों की मिलीभगत से आदिवासियों की पैतृक जमीनों को दूसरे लोगों के नाम दर्ज किया जा रहा है और खतियानी जमीनों के रकबे में भी भारी हेरफेर की जा रही है।
  • कुलपटांगा निवासी राजू सरदार ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उनके पूर्वज मोती सरदार के नाम पर करीब 5 एकड़ भूमि है, जिस पर उनका परिवार वर्ष 1964 से खेती कर रहा है। उनके पास लगान रसीद और खतियान की नकल भी मौजूद है, इसके बावजूद कर्मचारियों की मिलीभगत से यह जमीन ऑनलाइन किसी और के नाम दर्ज कर दी गई है।
  • महापंचायत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जिला प्रशासन को 15 दिनों का समय दिया गया है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को उग्र करते हुए समाहरणालय का घेराव किया जाएगा।

“हमारी जमीनें लूटी जा रही हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना है” महापंचायत को संबोधित करते हुए समाज के वरिष्ठ नेता लालबाबू सरदार ने कहा कि आदिवासी भूमि से जुड़े मामलों में प्रशासन को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। लिखित शिकायत और जनप्रतिनिधियों के निर्देशों के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जो बेहद चिंताजनक है।

DC, SP और SDM को सौंपी गई लिखित शिकायत

पीड़ित राजू सरदार ने बताया कि उन्होंने अंचल कार्यालय के चक्कर काटने के बाद थक-हारकर अब उपायुक्त , पुलिस अधीक्षक और सरायकेला अनुमंडल पदाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी है। आवेदन में पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर जमीन को दोबारा मूल रैयत के नाम पर दर्ज करने की मांग की गई है।

Share This Article