शहर के पॉश इलाके बिष्टुपुर में ‘ईरानी गैंग’ की तर्ज पर पुलिसकर्मी बनकर ठगी करने वाले शातिर गिरोह ने एक बार फिर बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। इस बार ठगों ने एक बुजुर्ग महिला को अपना निशाना बनाते हुए करीब दो लाख रुपये मूल्य के सोने के गहने ठग लिए और रफूचक्कर हो गए। घटना के बाद से इलाके के बुजुर्गों में दहशत का माहौल है।
सूचना मिलते ही बिष्टुपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की तफ्तीश में जुट गई है।
गुरुद्वारे से लौट रही बुजुर्ग महिला को जाल में फंसाया
मिली जानकारी के अनुसार, बिष्टुपुर एम रोड की रहने वाली बुजुर्ग महिला प्रकाश कौर शनिवार को गुरुद्वारा से मत्था टेककर पैदल अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान एन रोड के पास घात लगाए बैठे दो बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया।
वारदात की स्क्रिप्ट बेहद शातिर तरीके से लिखी गई थी। बाइक पर बैठे एक युवक ने महिला को रोककर सड़क के दूसरी तरफ खड़े अपने साथी के पास भेजा।
“आगे मर्डर हुआ है, गहने उतारिए…” और हो गई ठगी
दूसरे युवक ने प्रकाश कौर के पास आते ही खुद को पुलिस अधिकारी बताया। उसने महिला को डराते हुए कहा:
“माता जी, आगे सड़क पर अभी-अभी एक बड़ी हत्या हुई है। इलाके का माहौल खराब है, आपका इस तरह सोने के गहने पहनकर घूमना बिल्कुल सुरक्षित नहीं है। इन्हें तुरंत उतारकर रख लीजिए।”
बुजुर्ग महिला उसकी रौबदार आवाज और ‘मर्डर’ की बात सुनकर डर गईं और उसकी बातों पर भरोसा कर लिया। उन्होंने अपनी सोने की चेन, अंगूठी और कंगन उतारकर उस कथित पुलिसवाले को दे दिए।
कागज की पुड़िया बदली, घर जाकर खुला राज
शातिर ठग ने महिला के सामने ही गहनों को एक कागज में लपेटा और सुरक्षित रखने का नाटक करते हुए पुड़िया उनकी तरफ बढ़ा दी। लेकिन इसी बीच पलक झपकते ही उसने असली गहनों वाली पुड़िया गायब कर दी और उसकी जगह नकली सामान वाली पुड़िया महिला को थमा दी।
जब प्रकाश कौर ने घर पहुंचकर धड़कते दिल से उस कागज को खोला, तो उनके होश उड़ गए। उसमें गहनों की जगह सिर्फ साधारण चूड़ी पड़ी थी। खुद को ठगा पाकर उन्होंने तुरंत शोर मचाया और पुलिस को इत्तला दी।
साकची और जुगसलाई के बाद अब बिष्टुपुर में वारदात, पुलिस के हाथ खाली
बिष्टुपुर थाना प्रभारी अशोक दुबे ने बताया कि घटना की लिखित शिकायत मिलते ही पुलिस एक्टिव हो गई है। हुलिए के आधार पर आरोपियों की पहचान के लिए इलाके के तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
सावधान जमशेदपुर! गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में जमशेदपुर के साकची और जुगसलाई इलाके में भी हुबहू इसी अंदाज में बुजुर्गों से ठगी की वारदातें हो चुकी हैं। साफ है कि शहर में ‘फर्जी पुलिस’ का एक संगठित गिरोह घूम रहा है, जो अब तक असली पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
