नई दिल्ली: ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) विवाद के बीच केंद्र सरकार ने सीबीएसई में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया है। साथ ही ओएसएम सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या केवल तबादला ही इस मामले में पर्याप्त कार्रवाई है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की है।
सरकार ने क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की है। समिति को ओएसएम प्रणाली की खरीद, निविदा प्रक्रिया और उससे जुड़े मामलों की जांच कर एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।

गौरतलब है कि सीबीएसई की कक्षा 10 और 12 के परिणामों के बाद कई छात्रों ने स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं में धुंधले पन्ने, अधूरी सामग्री और ऑनलाइन पोर्टल संबंधी तकनीकी समस्याओं की शिकायत की थी। इसके बाद ओएसएम प्लेटफॉर्म, वेंडर चयन प्रक्रिया, साइबर सुरक्षा और पुनर्मूल्यांकन सेवाओं को लेकर विवाद गहरा गया था।
विवाद बढ़ने पर सीबीएसई ने समयसीमा बढ़ाई, कई स्पष्टीकरण जारी किए और छात्रों की शिकायतों की समीक्षा का आश्वासन दिया था। अध्यक्ष और सचिव के तबादले तथा जांच समिति के गठन को इस पूरे मामले में केंद्र सरकार की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
