मन की बात में पीएम मोदी ने गिनाईं देश की प्रेरक कहानियां, खिलाड़ियों की उपलब्धियों से लेकर नदी संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर तक का किया जिक्र

मन की बात में पीएम मोदी ने गिनाईं देश की प्रेरक कहानियां, खिलाड़ियों की उपलब्धियों से लेकर नदी संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर तक का किया जिक्र

Johar News Times
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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में देशभर की प्रेरणादायक पहल, खेल उपलब्धियों, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक योगदान से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों का उल्लेख किया। उन्होंने सैनिकों के लिए छात्रों द्वारा जुटाई गई सहायता राशि, उत्तर प्रदेश में मनोरमा नदी संरक्षण अभियान, गंगा डॉल्फिन बचाव अभियान, युवाओं में बढ़ती खगोल विज्ञान की रुचि, चोलकालीन धरोहर की वापसी और भारतीय आमों की वैश्विक पहचान जैसे मुद्दों को प्रमुखता से रखा।

सैनिकों के लिए छात्रों ने जुटाए 40 लाख रुपये, पीएम ने की सराहना
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के नागरकोइल की शिक्षिका गिरिजा अम्मा का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने मन की बात से प्रेरित होकर अपने स्कूलों के विद्यार्थियों को सैनिकों के लिए प्रतिदिन एक रुपये का योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इस पहल से करीब 40 लाख रुपये की राशि एकत्र हुई, जिसे सैनिकों के कल्याण के लिए समर्पित किया गया। पीएम ने विद्यार्थियों और शिक्षकों की देशभक्ति भावना की सराहना की।

मनोरमा नदी बचाने वाले युवाओं की कहानी को बताया प्रेरणा
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के बस्ती निवासी आकाश गुप्ता और उनके साथियों के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने शिकायत करने के बजाय नदी संरक्षण का बीड़ा उठाया। युवाओं ने नदी से जलकुंभी, प्लास्टिक और कचरा निकालकर मनोरमा नदी को पुनर्जीवित करने का अभियान चलाया। पीएम ने इसे समाज के लिए प्रेरक उदाहरण बताया।

गंगा डॉल्फिन रेस्क्यू अभियान की सराहना
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश में पहली गंगा डॉल्फिन रेस्क्यू एम्बुलेंस की सफलता का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि नहर में फंसी एक गंगा डॉल्फिन को लगभग 13 घंटे की मेहनत के बाद सुरक्षित बचाकर उपचार किया गया और बाद में राप्ती नदी में छोड़ दिया गया। पीएम ने इसे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

युवाओं में बढ़ रहा खगोल विज्ञान का आकर्षण
प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में एस्ट्रोनॉमी क्लब तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। उन्होंने बेंगलुरु की एक खगोल विज्ञान संस्था और ग्रामीण क्षेत्रों में खगोल विज्ञान को बढ़ावा देने वाली ‘खगोल मंडल’ टीम का उल्लेख करते हुए युवाओं के वैज्ञानिक दृष्टिकोण की सराहना की।

नीदरलैंड्स से लौटीं चोलकालीन ताम्र पट्टिकाएं
पीएम मोदी ने हालिया नीदरलैंड्स यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि वहां आयोजित एक समारोह में चोलकालीन 24 प्राचीन ताम्र पट्टिकाएं भारत को वापस सौंपी गईं। उन्होंने कहा कि ये पट्टिकाएं राजा राजेंद्र चोल प्रथम और चोल साम्राज्य की ऐतिहासिक उपलब्धियों की महत्वपूर्ण जानकारी देती हैं और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का अमूल्य हिस्सा हैं।

भारतीय आमों की विविधता और किसानों की मेहनत को किया सलाम
प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों में मिलने वाले आमों की प्रसिद्ध किस्मों—हापुस, केसर, दशहरी, लंगड़ा, जर्दालू, चौसा, हिमसागर, बंगनपल्ली और सुवर्णरेखा—का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय आम अब वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने आम उत्पादक किसानों की मेहनत की भी सराहना की।

भीषण गर्मी में सावधानी बरतने की अपील
देश के कई हिस्सों में पड़ रही गर्मी को देखते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने आम पन्ना, लस्सी, छाछ, सत्तू शरबत, कोकम शरबत और बेल पना जैसे पारंपरिक पेयों का भी उल्लेख करते हुए इन्हें भारतीय जीवनशैली और परंपरा का हिस्सा बताया।

100 मीटर दौड़ में टूटे राष्ट्रीय रिकॉर्ड का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने भारतीय एथलेटिक्स की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हाल ही में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में मात्र दो दिनों के भीतर तीन बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटा। इस उपलब्धि के लिए उन्होंने गुरिंदरविर सिंह और अनिमेश कुजूर की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि देश के युवा खिलाड़ी लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।

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