कैबिनेट के फैसले के अनुसार दिल्ली के वसंत विहार स्थित झारखंड भवन और बंगला साहिब रोड स्थित न्यू झारखंड भवन में ठहरने के शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। हालांकि वर्तमान मंत्रियों, दर्जा प्राप्त मंत्रियों और हाईकोर्ट के न्यायाधीशों को इस बढ़ोतरी से बाहर रखा गया है। नए प्रावधानों के तहत विधायक और पूर्व विधायक सरकारी या निजी कार्य के लिए अब 100 रुपये प्रतिदिन शुल्क देकर झारखंड भवन में ठहर सकेंगे। इसी तरह सरकारी कार्य से आने वाले जिला जज और अन्य सरकारी सेवकों के लिए भी 100 रुपये प्रतिदिन शुल्क तय किया गया है।
निजी कार्य से आने वाले अधिकारियों और उनके आश्रितों के लिए ठहरने की अवधि के अनुसार नई दरें लागू की गई हैं। इसमें 1 से 3 दिन तक 750 रुपये प्रतिदिन, 4 से 6 दिन तक 1000 से 1500 रुपये प्रतिदिन तथा 7 दिन से अधिक रुकने पर 2000 से 2500 रुपये प्रतिदिन शुल्क देना होगा। सेवानिवृत्त श्रेणी के व्यक्तियों और पूर्व सांसदों के लिए भी अलग दरें निर्धारित की गई हैं। इनके लिए 1 से 3 दिन तक 3000 रुपये प्रतिदिन, 4 से 6 दिन तक 4000 रुपये प्रतिदिन तथा 7 दिन से अधिक ठहरने पर 5000 रुपये प्रतिदिन शुल्क तय किया गया है।
इसके साथ ही कैबिनेट ने सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों के लिए नए भत्तों को भी मंजूरी दी है। इसमें घरेलू नौकर और चालक के लिए अधिकतम 50 हजार रुपये मासिक भत्ता, जबकि मोबाइल, इंटरनेट, लैंडलाइन, अनुसचिवीय सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था के लिए अलग से 15 हजार रुपये प्रति माह देने का निर्णय शामिल है।
