नई दिल्ली: वैश्विक खेल जगत में भारत का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। हालिया अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय एथलीटों ने अपने शानदार प्रदर्शन से न केवल देश का मान बढ़ाया है, बल्कि दुनिया के सामने ‘नए भारत’ का दम भी दिखाया है। सरकार के निरंतर सहयोग और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत के चलते भारतीय खेलों में एक नए ‘स्वर्ण युग’ की शुरुआत हो चुकी है।
प्रगनानंदा का ऐतिहासिक कमाल: कार्लसन को चटाई धूल
शतरंज के वैश्विक मंच पर भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रगनानंदा ने इतिहास रच दिया है। ‘नार्वे चेस 2026’ (Norway Chess 2026) में प्रगनानंदा ने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को हराकर एक अभूतपूर्व जीत दर्ज की। इस ऐतिहासिक जीत के साथ उन्होंने विश्व शतरंज मंच पर तिरंगे का गौरव और बढ़ा दिया है।
म्यूनिख में ईशा सिंह का वर्ल्ड रिकॉर्ड
निशानेबाजी (शूटिंग) में भी भारत की धाक जमी हुई है। म्यूनिख में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप में स्टार शूटर ईशा सिंह ने नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने अचूक निशाना लगाते हुए न सिर्फ गोल्ड मेडल पर कब्जा किया, बल्कि एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कराया।
सुमित अंतिल का ‘गोल्डन थ्रो’: अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा
भारत के स्टार पैरा एथलीट सुमित अंतिल ने भाला फेंक (जैवलीन थ्रो) स्पर्धा में एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित की है। सुमित ने 74.82 मीटर दूर भाला फेंककर अपना ही पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया और देश की झोली में एक और स्वर्णिम सफलता डाल दी।
एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों का जलवा
अंतरराष्ट्रीय कुश्ती के मंच पर भी भारतीय पहलवानों ने तिरंगा लहराया है। एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत की दोनों टीमों ने धमाकेदार प्रदर्शन किया:
- पुरुष फ्रीस्टाइल टीम: दमदार खेल दिखाते हुए कुल 9 पदक अपने नाम किए।
- महिला टीम: शानदार कौशल का प्रदर्शन करते हुए 6 गोल्ड मेडल समेत कुल 10 पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। “दुनिया में दिख रहा नए भारत का दम!”
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढांचे में सुधार, सही ट्रेनिंग और ‘खेलो इंडिया’ जैसी योजनाओं के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं, जिससे भारतीय खिलाड़ी हर खेल में वैश्विक रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं।
