पश्चिमी सिंहभूम (झारखंड): खूंटपानी प्रखंड मुख्यालय में पश्चिमी सिंहभूम के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) उत्कर्ष कुमार ने “चुप्पी तोड़ो, स्वास्थ्य रहो” जागरूकता रथ को रवाना किया। यह रथ प्रखंड के सुदूर ग्रामीण इलाकों में जाकर नुक्कड़ नाटक, प्रचार सामग्री और उद्घोषणा के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों को माहवारी से जुड़ी वैज्ञानिक और सही जानकारी देना, स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना तथा समाज में व्याप्त भ्रांतियों और मिथकों को दूर करना बताया गया।
डीडीसी उत्कर्ष कुमार ने कहा कि किशोरियों को मासिक धर्म और स्वच्छता से संबंधित सही जानकारी उपलब्ध कराना बेहद आवश्यक है, ताकि वे किसी भी प्रकार की गलत धारणाओं और सामाजिक संकोच से मुक्त होकर जागरूक बन सकें।
इस अवसर पर प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा ने कहा कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक और सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन आज भी समाज में इसे लेकर कई भ्रांतियां और भेदभाव मौजूद हैं, जिन्हें दूर करने की जरूरत है। जिला परिषद सदस्य यमुना तियू ने कहा कि हर किशोरी और महिला को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक माहौल मिलना चाहिए।
बीडीओ धनंजय पाठन ने कहा कि सभी किशोरियों को स्वच्छ सेनेटरी पैड, साफ पानी, शौचालय और सही जानकारी उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। वहीं सीएचसी प्रभारी डॉ. आलोक रंजन महतो ने कहा कि मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ी है, लेकिन अब भी इस विषय पर खुलकर चर्चा की आवश्यकता है, इसलिए समाज में “चुप्पी तोड़ने” की जरूरत है।
