डुमरिया: डुमरिया प्रखंड के कांटाशोल तालाकुली गांव के ग्रामीणों ने आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करते हुए चंदा और श्रमदान से करीब 15 फीट लंबी सड़क की पक्की ढलाई कर दी। वर्षों से सड़क की समस्या झेल रहे ग्रामीणों ने सरकारी सहायता का इंतजार करने के बजाय खुद समाधान निकाला।
सड़क निर्माण में मानु टुडू, दिलीप बिंधानी, बलराम बिंधानी समेत पूरे गांव के लोगों ने योगदान दिया। ग्रामीणों ने पहले सड़क के नीचे ह्यूम पाइप लगाकर पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था की, ताकि बरसात में जलजमाव न हो। इसके बाद पाइप के ऊपर कंक्रीट की मजबूत ढलाई की गई। ग्रामीणों के अनुसार बारिश के दिनों में सड़क पर पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित होता था और लोगों को काफी परेशानी होती थी। लंबे समय तक समस्या बनी रहने के बाद गांव के लोगों ने सामूहिक प्रयास से सड़क निर्माण का निर्णय लिया।
कार्य पूरा होने के बाद ग्रामीणों में खुशी है। स्थानीय लोगों ने कहा कि पूरे गांव की एकजुटता से यह काम संभव हो सका। ग्रामीणों की इस पहल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। लोगों का मानना है कि विकास कार्यों में सामूहिक भागीदारी से कई समस्याओं का समाधान आसानी से किया जा सकता है। कांटाशोल तालाकुली गांव ने समाज के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह संस्करण मूल खबर के सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को बरकरार रखते हुए लगभग 35-40% छोटा किया गया है।
