टाटा स्टील वेज रिवीजन वार्ता में बढ़ी तल्खी, डीए बढ़ोतरी और वेतन सीलिंग पर अड़ा प्रबंधन

टाटा स्टील वेज रिवीजन वार्ता में बढ़ी तल्खी, डीए बढ़ोतरी और वेतन सीलिंग पर अड़ा प्रबंधन

Johar News Times
2 Min Read

जमशेदपुर : टाटा स्टील कर्मचारियों के वेज रिवीजन को लेकर प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच चल रही बातचीत अब संवेदनशील मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। गुरुवार को कंपनी के सीएचआरओ जुबिन पालिया और यूनियन पदाधिकारियों के बीच हुई बैठक में कई मुद्दों पर तीखी बहस हुई।

बैठक में यूनियन की ओर से अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नू, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शामिल हुए। करीब चार घंटे तक चली इस वार्ता में वेतन संरचना, डीए की प्वाइंट वैल्यू और एमजीबी समेत कई अहम विषयों पर चर्चा हुई।

सूत्रों के अनुसार, प्रबंधन ने पुराने वेज ग्रेड के लगभग चार हजार कर्मचारियों के लगातार बढ़ते वेतन व्यय पर चिंता जताई। कंपनी की ओर से यह प्रस्ताव रखा गया कि मौजूदा वेतन सीलिंग में और कटौती की जाए। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी की सीलिंग 50 हजार रुपये है, तो उसे घटाकर 40 हजार रुपये करने का सुझाव दिया गया। प्रबंधन का तर्क था कि हर वर्ष तीन प्रतिशत की वृद्धि के कारण वेतन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ता जा रहा है। वहीं, एनएस ग्रेड कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) की प्वाइंट वैल्यू बढ़ाने की मांग को भी प्रबंधन ने खारिज कर दिया। कंपनी का कहना था कि टाटा स्टील समूह की अन्य इकाइयों जैसे टाटा स्टील गम्हरिया, जेसीएपीसीपीएल, टीएसडीपीएल, टाटा बियरिंग, टीआरएफ, सीआरसी वेस्ट, वायर डिवीजन, टाटा स्टील कलर्स, टाटा मेटालिक्स, तार कंपनी और टिनप्लेट में डीए की दर 2 से 2.50 रुपये प्रति प्वाइंट के बीच है। ऐसे में इसमें बड़ी बढ़ोतरी संभव नहीं है।

प्रबंधन के इस रुख पर यूनियन ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। यूनियन नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों के हितों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। हालांकि, किसी ठोस सहमति के बिना बैठक समाप्त हो गई। अब आने वाले दौर की वार्ता पर कर्मचारियों की नजर टिकी हुई है।

Share This Article