ईचागढ़ में लोक संस्कृति का रंग, छऊ-झूमर उत्सव में देर रात तक थिरकते रहे लोग

ईचागढ़ में लोक संस्कृति का रंग, छऊ-झूमर उत्सव में देर रात तक थिरकते रहे लोग

Johar News Times
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सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड स्थित चोगा-आदरडीह गांव में आयोजित दो दिवसीय छऊ-झूमर उत्सव का समापन लोक संस्कृति और पारंपरिक कला की शानदार प्रस्तुतियों के साथ हुआ। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की सांस्कृतिक समारोह अनुदान योजना के तहत मानभूम सांस्कृतिक समिति आदरडीह की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और कला प्रेमियों ने हिस्सा लिया। उत्सव के अंतिम दिन मंच पर छऊ नृत्य और झूमर गीतों की ऐसी छटा बिखरी कि दर्शक देर रात तक कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन और लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को सांस्कृतिक रंग में रंग दिया।

पश्चिम बंगाल के कोटशिला से पहुंची लोक गायिका ममता महतो ने कुड़माली झूमर प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। वहीं, ईचागढ़ के प्रसिद्ध छऊ गुरु उस्ताद सुचंद महतो और उनकी टीम ने मानभूम शैली के छऊ नृत्य का जीवंत प्रदर्शन कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रांची से आए कलाकारों ने नागपुरी झूमर की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में अलग रंग भर दिया।

स्थानीय कलाकार भावतरण महतो और विकास महतो द्वारा प्रस्तुत दरबारी झूमर भी आकर्षण का केंद्र रहा। उनकी प्रस्तुति पर दर्शक देर रात तक झूमते और तालियां बजाते नजर आए।

समापन समारोह में कई सामाजिक और सांस्कृतिक हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव, जिला परिषद सदस्य सुभाषिनी देवी, उप प्रमुख दीपक कुमार साव, वरिष्ठ नागपुरी लोक कलाकार सुनील कुमार, मुखिया नयन सिंह मुंडा, ठाकुर दास महतो और नटराज कला केंद्र चोगा के सचिव प्रभात कुमार महतो समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए। आयोजकों ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों से क्षेत्र की लोक कला और परंपराओं को नई पहचान मिलती है तथा युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्राप्त होता है।

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