छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक शातिर जालसाज ने शिक्षा विभाग को ही अपना निशाना बना डाला। गांधी नगर थाना पुलिस ने सरकारी स्कूलों के करीब 200 शिक्षकों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने शिक्षकों को आसान लोन और मोटे मुनाफे का लालच देकर उनके नाम पर करोड़ों का फर्जीवाड़ा किया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिराना तरीके से काम करता था। वह सरगुजा संभाग के अलग-अलग इलाकों के सरकारी शिक्षकों से संपर्क करता था और उन्हें अपने जाल में फंसाने के लिए निम्नलिखित हथकंडे अपनाता था:
- शिक्षकों के नाम पर विभिन्न बैंकों से लाखों रुपये का लोन पास करवाना।
- शिक्षकों से वादा करना कि लोन की रकम का एक बड़ा हिस्सा वह खुद कहीं निवेश करेगा और बाकी बचे पैसे शिक्षकों को दे देगा।
- आरोपी ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया था कि लोन की पूरी ईएमआई वह खुद भरेगा, शिक्षकों को एक भी रुपया नहीं देना होगा।
विश्वास जीतने का पैंतरा: शुरुआत में आरोपी ने कुछ शिक्षकों के लोन की किस्तें समय पर जमा कीं। इससे शिक्षकों का भरोसा उस पर मजबूत हो गया और देखते ही देखते करीब 200 शिक्षक इस झांसे में आ गए।
जब आरोपी ने अचानक लोन की किस्तें भरना बंद कर दिया, तब जाकर शिक्षकों को अपने साथ हुई इस बड़ी धोखाधड़ी का अहसास हुआ। बैंकों से नोटिस और तगादा आने के बाद पीड़ित शिक्षकों ने एकजुट होकर गांधी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को धरदबोचा। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
थाने में हाई वोल्टेज ड्रामा: आरोपी की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में पीड़ित शिक्षक गांधी नगर थाने पहुंच गए। थाना परिसर में अपने फंसे हुए पैसे वापस पाने को लेकर शिक्षकों और आरोपी के बीच जमकर हंगामा और तीखी बहस भी देखने को मिली।
बढ़ सकता है ठगी का आंकड़ा
पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन और फर्जीवाड़े की बात सामने आई है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में सरगुजा संभाग के कई और शिक्षक भी इस धोखाधड़ी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने सामने आ सकते हैं, जिससे ठगी का यह आंकड़ा और बड़ा हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।
