ट्रेजरी घोटाले के बाद हरकत में हेमंत सरकार, झारखंड में ट्रेजरी मैनेजमेंट सिस्टम सुधारने को बनी 9 सदस्यीय समिति

ट्रेजरी घोटाले के बाद हरकत में हेमंत सरकार, झारखंड में ट्रेजरी मैनेजमेंट सिस्टम सुधारने को बनी 9 सदस्यीय समिति

Johar News Times
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रांची : झारखंड में ट्रेजरी से अवैध निकासी मामले के खुलासे के बाद राज्य सरकार ने ट्रेजरी मैनेजमेंट सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। वित्तीय अनियमितताओं पर रोक लगाने और सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने ट्रेजरी निदेशक की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है।

यह समिति ट्रेजरी से राशि निकासी के लिए इस्तेमाल होने वाले डीडीओ (DDO) बिल मैनेजमेंट सिस्टम में सुधार और संशोधन के सुझाव देगी। समिति को आईएफएमएस (IFMS) के तहत संचालित डीडीओ बिल मैनेजमेंट सिस्टम की व्यापक समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। समिति वेतन, भत्ता, यात्रा भत्ता (TA), वसूली समेत विभिन्न भुगतान प्रक्रियाओं में मौजूद कमियों और संभावित लीकेज की जांच करेगी। इसके साथ ही सिस्टम में मौजूद कमजोर, अनुपयोगी और अप्रासंगिक एंट्री पॉइंट्स को खत्म या निष्प्रभावी करने की अनुशंसा भी करेगी। सरकार ने समिति को ऐसा प्रोग्रामिंग लॉजिक विकसित करने के सुझाव देने को कहा है, जिससे भविष्य में अवैध निकासी जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

समिति में शामिल किए गए ये अधिकारी
ट्रेजरी निदेशक की अध्यक्षता में गठित इस समिति में वित्त विभाग के प्रभारी संयुक्त सचिव, एनआईसी (NIC) के वरीय निदेशक उमेश प्रसाद सिन्हा, संयुक्त निदेशक कुणाल आनंद, सहायक निदेशक गौरव कुमार, रांची और प्रोजेक्ट भवन के ट्रेजरी ऑफिसर समेत कई विभागों के प्रतिनिधियों को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा पुलिस सेवा, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा सेवा के मनोनीत डीडीओ को भी समिति में शामिल किया गया है।

एसआईटी जांच का दायरा बढ़ा, अब देवघर भी शामिल
इधर, ट्रेजरी से अवैध निकासी मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। उत्पाद सचिव अमिताभ कौशल की अध्यक्षता वाली एसआईटी को अब देवघर ट्रेजरी से जुड़े मामलों की जांच का जिम्मा भी सौंपा गया है। इससे पहले यह टीम बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़ और रांची से जुड़े मामलों की जांच कर रही थी।

चार स्तरों पर चल रही जांच
ट्रेजरी घोटाले की जांच फिलहाल चार अलग-अलग स्तरों पर की जा रही है।

  • प्रशासनिक स्तर पर अवैध निकासी की जांच के लिए अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय एसआईटी काम कर रही है।
  • मामले के आपराधिक पहलुओं की जांच सीआईडी (CID) कर रही है।
  • वित्तीय गड़बड़ियों की पड़ताल के लिए महालेखाकार (AG) से स्पेशल ऑडिट कराया जाएगा।
  • वहीं मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी शुरू कर दी है।

सरकार का मानना है कि ट्रेजरी सिस्टम में तकनीकी और प्रशासनिक सुधार के जरिए भविष्य में इस तरह की वित्तीय अनियमितताओं को रोका जा सकेगा।

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