साहिबगंज जिले के बरहरवा प्रखंड कार्यालय परिसर में बीते 4 मई से चल रहा शेरशाहबादी डेवलपमेंट सोसाइटी का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को आखिरकार समाप्त हो गया। पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और राजमहल विधायक मो. ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा की गरिमामयी मौजूदगी में आंदोलनकारियों और जिला प्रशासन के बीच हुई सकारात्मक वार्ता के बाद आंदोलन खत्म करने की आधिकारिक घोषणा की गई।
कैबिनेट स्तर पर संशोधन की पहल का मिला आश्वासन
धरना स्थल पर आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने के गंभीर मुद्दे पर उपायुक्त एवं अन्य उच्च अधिकारियों के साथ बेहद सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस सामाजिक और प्रशासनिक समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार गंभीर पहल कर रही है।
वार्ता में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय:
धरना स्थल पर राजमहल एसडीओ सदानंद महतो, बरहरवा बीडीओ सन्नी कुमार दास और अंचलाधिकारी अनोज कुमार की उपस्थिति में हुई उच्चस्तरीय बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए:
- मामले के निपटारे के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन किया जाएगा।
- इस समिति में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ शेरशाहबादी डेवलपमेंट सोसाइटी के सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा।
- यह समिति जमीनी हकीकत और कानूनी पहलुओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंपेगी।
- आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार के कैबिनेट स्तर पर संशोधन कर शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र पुनः निर्गत कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
इस ऐतिहासिक समझौते के अवसर पर जिला अध्यक्ष सह विधायक प्रतिनिधि बरकत खान, बीस सूत्री अध्यक्ष अशोक कुमार दास, प्रखंड अध्यक्ष रंजीत टुडू, गुलाम रब्बानी, कमल आर्य, मोफक्कर हुसैन, मोरसलिम खान सहित सोसाइटी के सैकड़ों कार्यकर्ता और पार्टी पदाधिकारी उपस्थित थे।
