दलमा वन्य प्राणी अभ्यारण्य से सटे ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांवों में जंगली हाथियों का उत्पाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार देर रात करीब एक बजे चांडिल प्रखंड के हिरमिली-दालग्राम गांव में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक विशालकाय टस्कर हाथी गांव के रिहायशी इलाके में घुस आया। इस दौरान भीषण गर्मी के कारण घर के बाहर खटिया पर सो रही दो वृद्ध महिलाओं को हाथी ने खटिया समेत घसीट दिया। ग्रामीणों द्वारा तुरंत शोर मचाने पर हाथी उन्हें छोड़कर आगे भागा। गनीमत रही कि ग्रामीणों की सतर्कता से दोनों महिलाओं की जान बच गई और उन्हें मामूली चोटें आईं।
राशन दुकान तोड़ी, फसलें रौंदकर रेलवे ट्रैक पार कर भागा हाथी
ग्रामीणों ने बताया कि बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाने के बाद हाथी ने दालग्राम निवासी बुद्धेश्वर तंतूबाई की राशन दुकान पर धावा बोल दिया। हाथी ने दुकान की खिड़की तोड़कर अंदर रखा चावल और अन्य अनाज चट कर दिया। इसके बाद उसने खेतों में खड़ी धान की फसल को बुरी तरह रौंद डाला।
ग्रामीणों ने मशक्कत कर टॉर्च की रोशनी और पटाखों की मदद से हाथी को खदेड़ा, लेकिन कुछ ही देर बाद वह चांडिल गोलचक्कर मुख्य सड़क और रेलवे ट्रैक को पार करते हुए कदमडीह गांव पहुंच गया। वहां वह एक स्थानीय निवासी के घर के पास करीब दो घंटे तक मंडराता रहा, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई और लोग रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हुए।
इस संकट के बीच स्थानीय विधायक के एक कथित बयान ने जलती पर घी का काम कर दिया है, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि विधायक ने इस गंभीर समस्या पर संवेदनशीलता दिखाने के बजाय कह दिया कि “हाथी जंगल का हिस्सा हैं, ग्रामीणों को उनके साथ जीना सीखना होगा।”
इस बयान के बाद दालग्राम और कदमडीह सहित आसपास के गांवों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि:
- जनप्रतिनिधि धरातल पर आकर सुरक्षा देने और समस्या सुलझाने के बजाय पीड़ितों को ही नसीहत दे रहे हैं।
- हर हफ्ते किसानों की खून-पसीने की फसल बर्बाद हो रही है, लोगों की जान पर बन आ रही है।
- जान-माल के नुकसान के बाद भी वन विभाग द्वारा समय पर उचित मुआवजा नहीं दिया जाता।
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि घटना की तुरंत सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम काफी देर से पहुंची, तब तक हाथी भारी नुकसान कर चुका था। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि रिहायशी इलाकों के पास तुरंत सोलर फेंसिंग लगाई जाए, हाथियों को खदेड़ने के लिए ट्रैकर दल की स्थायी तैनाती हो और प्रभावितों को अविलंब मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो वे मुख्य सड़क को जाम कर उग्र प्रदर्शन करेंगे।
