JEE Advanced 2026 की परीक्षा संपन्न होने के बाद अब सभी छात्रों की नजरें JoSAA काउंसलिंग पर टिकी हैं। देश के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे’ (IIT Bombay) में पढ़ाई करने का सपना हर इंजीनियरिंग एस्पिरेंट का होता है।
अगर आप भी इस साल आईआईटी बॉम्बे में दाखिला लेना चाहते हैं, तो चॉइस फिलिंग से पहले विभिन्न बीटेक (B.Tech) कोर्सेज के संभावित कट-ऑफ और पिछले वर्षों के क्लोजिंग रैंक के रुझान जरूर जान लें। हर बार की तरह इस बार भी कंप्यूटर साइंस (CSE) और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसी टॉप ब्रांचों के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिलने वाली है।
आईआईटी बॉम्बे: बीटेक दाखिले का पूरा गणित (संभावित कट-ऑफ)
पोर्टल के पाठकों के लिए विभिन्न इंजीनियरिंग ब्रांचों की ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक की सूची नीचे दी गई है:
| बीटेक ब्रांच (B.Tech Course) | ओपनिंग रैंक (Opening Rank) | क्लोजिंग रैंक (Closing Rank) |
| कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) | 1 | 66 |
| इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (EE) | 106 | 418 |
| मैकेनिकल इंजीनियरिंग (ME) | 490 | 1766 |
| एयरोस्पेस इंजीनियरिंग | 1195 | 2305 |
| केमिकल इंजीनियरिंग | 601 | 2405 |
| इंजीनियरिंग फिजिक्स | 622 | 1483 |
| सिविल इंजीनियरिंग | 2666 | 4095 |
| मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग | 2584 | 4119 |
CSE ब्रांच का ऐतिहासिक रिकॉर्ड: टॉप 70 रैंक के अंदर ही सीटें फुल!
IIT बॉम्बे का बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) भारत का सबसे पसंदीदा अंडरग्रेजुएट कोर्स है। पिछले 3 सालों के आंकड़े बताते हैं कि सामान्य श्रेणी (General Category) के लिए यहां की क्लोजिंग रैंक बेहद सख्त रहती है:
- साल 2025: ओपनिंग रैंक 1 और क्लोजिंग रैंक 66 पर ही सिमट गई थी।
- साल 2024: सभी पांचों राउंड में सीएसई की क्लोजिंग रैंक बिना किसी बदलाव के 68 पर बंद हुई थी।
- साल 2023: अंतिम राउंड तक आते-आते क्लोजिंग रैंक 67 रही थी।
इस साल भी सामान्य श्रेणी में जिन छात्रों की ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 से 65 या 70 के बीच होगी, केवल उन्हें ही CSE मिलने की उम्मीद है। इसके लिए 360 अंकों की परीक्षा में से कम से कम 310 से 320+ अंक लाना सुरक्षित माना जा रहा है।
इन टॉप-4 इंजीनियरिंग कोर्सेज में बरसता है पैसा!
आज के डिजिटल और एआई (AI) युग में इन चार ब्रांचों की ग्लोबल डिमांड सबसे ज्यादा है, जहां छात्रों को शानदार प्लेसमेंट पैकेज मिलते हैं:
- कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE): सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और कोडिंग के दिग्गजों को सालाना 15 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का पैकेज मिल रहा है।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस: भविष्य एआई का है। डेटा एनालिसिस और मशीन लर्निंग के जानकारों की सैलरी पैकेज के मामले में सबसे आगे रहने की संभावना है।
- इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन (ECE): देश में 5G नेटवर्क और चिप मैन्युफैक्चरिंग (Semiconductors) के बूम से इस ब्रांच की वैल्यू अचानक बहुत बढ़ गई है।
- सिविल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग: इन्हें एवरग्रीन ब्रांच माना जाता है। इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑटोमोबाइल सेक्टर में रुचि रखने वालों के लिए सरकारी (PSUs) और प्राइवेट दोनों क्षेत्रों में बेहतरीन करियर विकल्प मौजूद हैं।
