कोलकाता : पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ और सीमा सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए बुधवार से ‘पुशबैक’ नीति लागू कर दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस फैसले के बाद घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का दावा किया है।
नवान्न सचिवालय में बीएसएफ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक के बाद सरकार ने कहा कि अवैध रूप से सीमा पार कर आने वालों को हिरासत में लेकर बीएसएफ को सौंपा जाएगा और आगे की प्रक्रिया नियमों के तहत होगी। राज्य सरकार ने सीमावर्ती जिलों के सभी थानों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
सरकार ने इस अभियान को ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ रणनीति के तहत चलाने की बात कही है और दावा किया है कि सीमा पर निगरानी व फेंसिंग व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। बीएसएफ को 27 किलोमीटर क्षेत्र में बाड़ लगाने के लिए जमीन भी दी गई है, जबकि बाकी जमीन जल्द उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा पर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। साथ ही उन्होंने सीएए को लेकर कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण आए पात्र अल्पसंख्यकों को नागरिकता का अधिकार मिलेगा और योग्य लोगों को प्रक्रिया में परेशानी नहीं होगी। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
