हीट वेव में क्यों अचानक बढ़ जाते हैं हार्ट अटैक के मामले?

देशभर में इस समय प्रचंड गर्मी और चिलचिलाती धूप का प्रकोप जारी है।

Johar News Times
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देशभर में इस समय प्रचंड गर्मी और चिलचिलाती धूप का प्रकोप जारी है। कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। यह भीषण गर्मी न सिर्फ लोगों को बेहाल कर रही है, बल्कि हमारे दिल के लिए भी एक बड़ा खतरा साबित हो रही है। अक्सर देखा जाता है कि गर्मियों के मौसम में अचानक हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामले बढ़ जाते हैं।

आखिर ऐसा क्यों होता है और इस जानलेवा मौसम में अपने दिल को कैसे सुरक्षित रखें? इस विषय पर देश के सुप्रसिद्ध मेदांता अस्पताल के चेयरमैन और मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नरेश त्रेहान ने बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां और बचाव के उपाय साझा किए हैं।


भीषण गर्मी में क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा?

डॉक्टरों के मुताबिक, जब बाहर का तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है, तो शरीर को अंदरूनी तापमान को नियंत्रित (कूल डाउन) करने के लिए सामान्य से कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इस पूरी प्रक्रिया का सीधा असर हमारे दिल पर पड़ता है:

  • खून का गाढ़ा होना (Blood Clotting): तेज गर्मी और उमस के कारण शरीर से पसीने के रूप में भारी मात्रा में पानी बाहर निकल जाता है। यदि समय पर पर्याप्त पानी न पिया जाए, तो शरीर में डीहाइड्रेशन (पानी की कमी) हो जाती है। पानी कम होने से खून गाढ़ा होने लगता है, जिससे धमनियों में थक्के (Clots) बनने का जोखिम बढ़ जाता है। यही थक्के हार्ट अटैक की मुख्य वजह बनते हैं।
  • दिल पर अतिरिक्त दबाव (Heart Strain): शरीर को ठंडा रखने के लिए दिल को बहुत तेजी से ब्लड पंप करना पड़ता है। इससे ब्लड प्रसन्न में उतार-चढ़ाव आता है और हार्ट रेट (दिल की धड़कन) काफी बढ़ जाती है। जो लोग पहले से ही दिल की बीमारी से पीड़ित हैं, उनका दिल यह अतिरिक्त दबाव नहीं झेल पाता।
  • इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन: अत्यधिक पसीना बहने से शरीर के जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम और पोटैशियम) का संतुलन बिगड़ जाता है। इसके कारण दिल की धड़कन अचानक अनियंत्रित (Arrhythmia) हो सकती है, जो कार्डियक अरेस्ट का रूप ले सकती है।

इन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा

डॉ. त्रेहान के अनुसार, हीट वेव का असर हर उम्र के व्यक्ति पर पड़ता है, लेकिन निम्नलिखित हाई-रिस्क कैटेगरी वाले लोगों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए:

  1. बुजुर्ग लोग (60 वर्ष से अधिक आयु)
  2. हाई ब्लड प्रेशर (High BP) के मरीज
  3. डायबिटीज (शुगर) से पीड़ित लोग
  4. जो लोग पहले से ही दिल की बीमारी की दवाइयां खा रहे हैं

हीट वेव में दिल को कैसे रखें सुरक्षित? डॉ. त्रेहान की सलाह

इस जानलेवा गर्मी से अपने दिल को महफूज रखने के लिए डॉ. नरेश त्रेहान ने कुछ बेहद आसान और जरूरी उपाय बताए हैं, जिन्हें अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करना चाहिए:

  • खुद को रखें हाइड्रेटेड: गर्मी में प्यास लगने का इंतजार न करें। दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी जरूर पीएं। सादे पानी के अलावा डाइट में नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी और ओआरएस (ORS) का घोल शामिल करें ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी न हो।
  • दवाइयों में न बरतें लापरवाही: जो लोग दिल या बीपी के मरीज हैं, वे अपनी दवाइयां बिल्कुल समय पर लें। गर्मी के मौसम में डॉक्टर की सलाह के बिना अपनी मर्जी से कोई भी दवा बंद न करें और न ही उसकी डोज में बदलाव करें।
  • दोपहर में बाहर निकलने से बचें: सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप और हीट वेव का असर सबसे ज्यादा होता है, तब बिना वजह घर या ऑफिस से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना बेहद जरूरी हो, तो सिर को सूती कपड़े या छाते से ढककर ही निकलें।
  • हल्का और सुपाच्य भोजन लें: गर्मियों में ज्यादा तेल-मसाले वाले, तले-भुने या भारी भोजन से परहेज करें। ऐसा खाना पचाने के लिए शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और दिल पर लोड आता है। अपने भोजन में तरबूज, खीरा, ककड़ी जैसी पानी से भरपूर चीजों को प्राथमिकता दें।
  • वर्कआउट का समय बदलें: अगर आप जिम जाते हैं या भारी एक्सरसाइज करते हैं, तो दोपहर या तेज गर्मी के माहौल में ऐसा करने से पूरी तरह बचें। कसरत हमेशा सुबह जल्दी या शाम को ठंडे और हवादार माहौल में ही करें।

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