झारखंड में स्कूली बच्चों के सुरक्षित सफर को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। राज्य में कंडम और क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। यह महत्वपूर्ण निर्णय जिला सड़क सुरक्षा समिति और यातायात प्रबंधन की समीक्षा बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त राजीव रंजन ने की।
बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार, स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां खत्म होते ही सड़कों पर एक व्यापक और विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत स्कूलों और निजी ऑपरेटरों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ऑटो, वैन और बसों की सघन चेकिंग की जाएगी।
उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभियान के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर कार्रवाई की जाएगी:
- बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के चल रहे वाहनों को तुरंत जब्त किया जाएगा।
- बिना वैध परमिट के स्कूली बच्चों को ढोने वाले कमर्शियल वाहनों पर जुर्माना लगेगा।
- तय क्षमता से अधिक बच्चे बैठाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर स्कूल आने-जाने वाले बच्चे को परिवहन के सुरक्षित और सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप साधन मिल सकें। अभिभावकों से भी अपील की जा रही है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजते समय वाहनों की स्थिति और सुरक्षा मानकों की जांच जरूर करें।
