जमशेदपुर में टाटा स्टील की जमीन पर कथित अतिक्रमण के खिलाफ कंपनी ने कार्रवाई तेज कर दी है। टाटा स्टील के लैंड मैनेजमेंट विभाग की शिकायत पर मंगलवार को सोनारी क्षेत्र में निर्माणाधीन दो बहुमंजिला आवासीय परियोजनाओं के बिल्डरों को जमशेदपुर अंचलाधिकारी कार्यालय की ओर से जेपीएलई एक्ट के तहत नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस पाने वालों में मीरा देवी अग्रवाल, जो ‘आहाना रेजीडेंसी’ परियोजना से जुड़ी हैं, तथा महेश अग्रवाल, जो ‘आकाश निर्वाणा’ परियोजना के बिल्डर बताए जा रहे हैं, शामिल हैं। दोनों को आगामी 2 जून से पहले अंचल अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।
कंपनी सूत्रों के अनुसार, ‘आकाश निर्वाणा’ परियोजना पर सड़क किनारे स्थित टाटा स्टील की करीब 10 हजार वर्गफुट जमीन को बाउंड्री के अंदर शामिल कर कब्जा करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि इस मामले में पहले भी संबंधित बिल्डर को नोटिस जारी किया गया था। कार्रवाई नहीं होने पर टाटा स्टील की ओर से कथित अतिक्रमित हिस्से की चहारदीवारी तोड़ने की कार्रवाई भी की गई थी। अब इस मामले में सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण अधिनियम (जेपीएलई एक्ट) के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।
इसी तरह, सोनारी स्थित ट्राइबल कल्चर सेंटर के पीछे बन रही ‘आहाना रेजीडेंसी’ परियोजना पर भी टाटा स्टील की 11 हजार वर्गफुट से अधिक भूमि पर कथित अतिक्रमण का आरोप लगाया गया है। इस मामले में भी संबंधित बिल्डर को जेपीएलई एक्ट के तहत नोटिस जारी किया गया है। टाटा स्टील के सूत्रों का कहना है कि शहर में कंपनी की जमीन पर जहां भी अवैध कब्जा या अतिक्रमण पाए जाएंगे, वहां इसी प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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