झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में अवैध महुआ शराब के काले कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर कड़ा शिकंजा कसा है। जिला उपायुक्त और उत्पाद अधीक्षक के कड़े निर्देश पर आबकारी विभाग की मोबाइल टास्क फोर्स ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगलों के भीतर चल रहे तीन बड़े अवैध शराब चुलाई अड्डों को मटियामेट कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, मोबाइल टास्क फोर्स के अवर निरीक्षक नीरज कुमार के नेतृत्व में आबकारी विभाग, सशस्त्र बल और होमगार्ड के जवानों की एक संयुक्त टीम ने आरआईटी थाना क्षेत्र के भुवा जंगल और गम्हरिया थाना अंतर्गत जामजोड़ा गांव में छापेमारी की। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इन इलाकों में घने जंगलों की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध महुआ शराब बनाने का खेल चल रहा है।
सशस्त्र बलों के साथ जब टास्क फोर्स ने चिन्हित ठिकानों पर अचानक धावा बोला, तो वहां हड़कंप मच गया। इस रेड के दौरान टीम ने:
- करीब 2100 किलोग्राम जावा महुआ बरामद किया।
- 60 लीटर तैयार अवैध महुआ चुलाई शराब जब्त की।
- शराब बनाने वाले बड़े बर्तनों, भट्टियों और अन्य उपकरणों को मौके पर ही तोड़कर जब्त कर लिया गया।
जब्त किए गए भारी मात्रा में जावा महुआ और तैयार शराब को अधिकारियों की मौजूदगी में मौके पर ही पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया, ताकि इसका दोबारा इस्तेमाल न हो सके।
भले ही छापामारी की भनक लगते ही शराब माफिया और भट्टी संचालक जंगलों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, लेकिन प्रशासन ने उनके खिलाफ कानूनी फंदा कस दिया है। आबकारी विभाग द्वारा संबंधित अड्डा संचालकों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध झारखंड उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
उत्पाद अधीक्षक ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि जिले में अवैध और जहरीली शराब के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस तरह के अवैध कारोबार से न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचता है, बल्कि यह घटिया शराब आम जनता के स्वास्थ्य और जान के लिए भी बेहद खतरनाक है।
सरायकेला जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आस-पास कहीं भी अवैध शराब का निर्माण, भंडारण या बिक्री हो रही है, तो इसकी जानकारी तुरंत नजदीकी थाना, उत्पाद विभाग या जिला नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर पर दें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।
