सरायकेला: किसानों के हक पर डाका डालने वालों की खैर नहीं, खाद की कालाबाजारी और नकली फर्टिलाइजर पर प्रशासन सख्त

किसानों के लिए एक्शन में टास्क फोर्स: स्टॉक में हेराफेरी पड़ी तो सीधे होगी कानूनी कार्रवाई।

Johar News Times
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सरायकेला/चांडिल: खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को खाद की किल्लत और नकली उत्पादों से बचाने के लिए सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। उपायुक्त के निर्देश पर चांडिल अनुमंडल में ‘अनुमंडल स्तरीय टास्क फोर्स’ की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें खाद दुकानदारों को स्पष्ट और सख्त चेतावनी दी गई।

दुकानदारों के लिए ‘लक्ष्मण रेखा’ तय

बैठक में उपस्थित अनुमंडल के सभी खाद विक्रेताओं को तीन कड़े निर्देशों का पालन करने को कहा गया है:

  1. ई-पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक और दुकान में मौजूद भौतिक स्टॉक में एक दाने का भी अंतर नहीं होना चाहिए।
  2. किसी भी दुकान में एक्सपायरी डेट की खाद नहीं मिलनी चाहिए।
  3. नकली फर्टिलाइजर की बिक्री पाए जाने पर दुकानदार का लाइसेंस तुरंत रद्द होगा और जेल की हवा खानी पड़ेगी।

कृषि पदाधिकारियों को मिली फील्ड की जिम्मेदारी

प्रशासन ने चारों प्रखंडों के प्रखंड कृषि पदाधिकारियोंको निर्देश दिया है कि वे केवल दफ्तर में न बैठें, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों की दुकानों की ‘रेगुलर मॉनिटरिंग’ और औचक निरीक्षण करें। अधिकारियों ने साफ कहा कि यदि कालाबाजारी की शिकायत मिली तो जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की भी तय की जाएगी।

किसानों के लिए प्रशासन की पहल

प्रशासन की प्राथमिकता है कि खरीफ सीजन में किसानों को उचित दाम पर गुणवत्तापूर्ण खाद मिल सके। इसके लिए टास्क फोर्स अब पूरे अनुमंडल में औचक निरीक्षण अभियान चलाने की तैयारी में है।

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