अक्सर हम शरीर में होने वाले दर्द और खराब मूड को काम का दबाव मानकर छोड़ देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह किसी गंभीर शारीरिक कमी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है? विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में विटामिन डी (Vitamin D) का कम स्तर आपकी सेहत को कई तरह से प्रभावित करता है।
फंक्शनल न्यूट्रिशनिस्ट मुग्धा प्रधान (CEO, iThrive) के मुताबिक, विटामिन डी शरीर में एक हार्मोन की तरह कार्य करता है। इसकी कमी होने पर शरीर धीरे-धीरे संकेत देना शुरू करता है।
इन संकेतों को पहचानना है जरूरी
- अत्यधिक थकान: अगर पर्याप्त नींद और आराम के बाद भी शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस हो रही है, तो यह विटामिन डी की कमी हो सकती है। यह कोशिकाओं में ऊर्जा बनाने की प्रक्रिया को बाधित करता है।
- कमजोर इम्यूनिटी: बार-बार बीमार पड़ना या छोटी बीमारियों से उबरने में बहुत अधिक समय लगना इस बात का संकेत है कि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता सही काम नहीं कर रही है।
- मानसिक स्वास्थ्य पर असर: बिना किसी कारण के चिड़चिड़ापन, उदासी या मानसिक स्पष्टता की कमी विटामिन डी के निम्न स्तर से जुड़ी हो सकती है। यह मस्तिष्क के उन केमिकल्स को प्रभावित करता है जो मूड को नियंत्रित करते हैं।
- हड्डियों और मांसपेशियों में जकड़न: कमर दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव और शरीर में भारीपन महसूस होना इसके मुख्य लक्षण हैं। लंबे समय तक कमी रहने पर यह हड्डियों को कमजोर बना सकता है।
आज की जीवनशैली और जोखिम
ऑफिस या घर के अंदर लंबे समय तक रहना और धूप के संपर्क में न आना इस समस्या को बढ़ा रहा है। संतुलित आहार की कमी भी इसका एक बड़ा कारण है।
विशेषज्ञों की सलाह: क्या करें?
- धूप का सेवन: रोजाना सुबह या शाम के समय कुछ वक्त प्राकृतिक धूप में बिताएं। यह विटामिन डी का सबसे प्राकृतिक स्रोत है।
- जांच है जरूरी: यदि आपको थकान और मूड में बदलाव जैसे लक्षण लगातार महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ब्लड टेस्ट जरूर करवाएं।
- सावधानी: किसी भी प्रकार के सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले चिकित्सीय परामर्श अनिवार्य है। खुद से दवाइयां लेना हानिकारक हो सकता है।
अपनी सेहत के प्रति सतर्कता ही बचाव का सबसे बेहतर तरीका है। पोषण से भरपूर आहार और सक्रिय जीवनशैली को अपनाएं।
