भीषण गर्मी की आहट के बीच सरायकेला-खरसावां जिले में पेयजल संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन रेस हो गया है। सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के किसी भी हिस्से में पानी के लिए हाहाकार नहीं मचना चाहिए।
खराब चापाकल और जलमीनारों की तुरंत होगी मरम्मत
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में बंद पड़ी पेयजल योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कार्यपालक अभियंता और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि:
- जिले के सभी खराब चापाकलों और जलमीनारों को चिन्हित कर तत्काल मरम्मत कराई जाए।
- ऐसे क्षेत्र जिन्हें ‘ड्राई जोन’ के रूप में चिन्हित किया गया है, वहां प्राथमिकता के आधार पर वैकल्पिक व्यवस्था कर जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
हर घर नल-जल योजना: शिकायतों का समय पर हो निपटारा
उपायुक्त ने जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि छूटे हुए गांवों और टोलों को जल्द से जल्द नल-जल योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि पेयजल से जुड़ी आम जनता की शिकायतों का निपटारा समयबद्ध सीमा के भीतर होना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“गर्मी के मौसम में आमजन को पानी की किल्लत न हो, यह विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था को भी दुरुस्त रखें।
बैठक में ये रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त , पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी , अंचलाधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
अबसे हर अपडेट के लिये जुड़े रहे — ताजा खबरों के लिये हमारे न्यूज चैनल और वेबसाइट को लाइक और सब्सक्राइब करें — joharnewstimes.com








