झारखंड के पाकुड़ जिले से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ के अमड़ापाड़ा प्लस टू उच्च विद्यालय की एक शिक्षिका पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और छात्रों के साथ भेदभाव करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले के सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी आक्रोश व्याप्त है।
हनुमान चालीसा को बताया ‘ध्वनि प्रदूषण’
विद्यालय की शिक्षिका मीनू हेम्ब्रम के खिलाफ छात्रों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी है। छात्रों का आरोप है कि शिक्षिका कक्षा में सनातन धर्म और धार्मिक परंपराओं का मजाक उड़ाती हैं। शिकायत पत्र के अनुसार, शिक्षिका ने हनुमान चालीसा के पाठ को ‘ध्वनि प्रदूषण’ करार दिया और माथे पर तिलक लगाकर आने वाले छात्रों को अपमानित किया।
कम नंबर देने की धमकी और देश विरोधी टिप्पणी के आरोप
छात्रों ने अपनी शिकायत में यह भी दावा किया है कि यदि कोई छात्र इन बातों का विरोध करता है, तो उसे परीक्षा में फेल करने या कम अंक देने की धमकी दी जाती थी। इसके अलावा, उन पर आरोप है कि वे भारत की तुलना अन्य देशों से करते हुए देश को नीचा दिखाने वाली टिप्पणियां करती थीं।
जांच के घेरे में शिक्षिका, दी सफाई
विवाद बढ़ता देख शिक्षिका मीनू हेम्ब्रम ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने पढ़ाई के दौरान कुछ उदाहरण दिए थे, लेकिन उनका मकसद किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करना नहीं था।
प्रशासनिक रुख:
- प्रधानाध्यापक चंदन कुमार: उन्होंने बताया कि छात्रों और शिक्षिका से इस संबंध में पूछताछ की गई है।
- DEO अनिता पुरती: जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि इस मामले की गहन जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सत्य पाए गए, तो शिक्षिका पर सख्त विभागीय कार्रवाई होगी।









