हावड़ा-हटिया क्रियायोग एक्सप्रेस में बुधवार को उस समय मौत का सन्नाटा पसर गया, जब दो युवक सरेआम पिस्टल लहराते हुए यात्रियों को जान से मारने की धमकी देने लगे। गनीमत रही कि ट्रेन में सवार एक महिला यात्री ने हार मानने के बजाय हिम्मत दिखाई, जिसके चलते एक बड़ी वारदात टल गई और दो अपराधी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं।
दहशत का माहौल और महिला की सूझबूझ
मिली जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी टाटानगर स्टेशन के पास से हथियार लेकर ट्रेन के जनरल कोच में सवार हुए थे। यात्रियों को जैसे ही उनके पास हथियार होने का अहसास हुआ, आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से पिस्टल निकाल ली। वे गाली-गलौज करते हुए यात्रियों को धमकाने लगे कि यदि किसी ने शोर मचाया या पुलिस को सूचना दी, तो अंजाम बुरा होगा।
जहाँ अन्य यात्री सहमे हुए थे, वहीं एक महिला यात्री ने बहादुरी का परिचय दिया। वह बच्चों की सुरक्षा का बहाना बनाकर वाशरूम की ओर निकलीं और दूसरे कोच में गश्त कर रही RPF एस्कॉर्ट टीम को पूरी घटना की जानकारी दी।
RPF का साहसिक ऑपरेशन
सूचना मिलते ही आरपीएफ के जवान नीरज कुमार और बिनोद कुमार मौर्या तुरंत एक्शन में आए। किता स्टेशन पार करते ही जवानों ने कोच में घेराबंदी की। पिस्टल लहरा रहे युवकों को आरपीएफ ने सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय देते हुए चलती ट्रेन में ही दबोच लिया।
बरामदगी:
- 01 देसी पिस्टल
- 01 जिंदा कारतूस
रांची में होनी थी हथियारों की सप्लाई
पकड़े गए आरोपियों की पहचान रांची के बरियातू निवासी अकिब खान (21) और रेहान खान (20) के रूप में हुई है। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि वे जमशेदपुर से हथियार लेकर रांची में किसी को सप्लाई करने जा रहे थे।
रांची स्टेशन पर ट्रेन पहुंचते ही दोनों को जीआरपी के हवाले कर दिया गया। पुलिस अब उस नेटवर्क को खंगाल रही है, जिसके इशारे पर ये युवक हथियारों की तस्करी कर रहे थे। रेल अधिकारियों ने महिला यात्री और आरपीएफ जवानों की तत्परता की सराहना की है।








