भुरकुंडा परियोजना में आउटसोर्सिंग से शुरू हुआ कोयला उत्पादन, चार वर्षों में 40 लाख टन निकासी का है लक्ष्य
फोटो नं. 02- परियोजना संचालन का शुभारंभ करते भुरकुंडा पीओ कुमार राकेश सत्यार्थी
भुरकुंडा।बरका-सयाल प्रक्षेत्र अंतर्गत भुरकुंडा परियोजना की वर्षों से बंद पड़ी 3 नंबर क्वायरी माइंस में गुरुवार को एक बार फिर मशीनों की गड़गड़ाहट सुनाई दी।
आउटसोर्सिंग के माध्यम से यहां कोयला उत्पादन कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। परियोजना शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
उत्पादन कार्य शुरू होने से पहले आउटसोर्सिंग कार्य कर रही बीएलए प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों द्वारा माइंस क्षेत्र में विधिवत पूजा-अर्चना की गई।
इसके बाद बीएलए कंपनी के जीएम टीके राव एवं भुरकुंडा परियोजना पदाधिकारी कुमार राकेश सत्यार्थी ने नारियल फोड़कर जयकारे के साथ माइनिंग कार्य की शुरुआत की।
अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के तहत अगले चार वर्षों में लगभग 40 लाख टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
वहीं प्रतिमाह 4 से 5 लाख टन कोयला उत्पादन किया जाएगा। परियोजना के शुरू होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे, साथ ही क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
मौके पर सेल्स मैनेजर अविनाश चंद्र, खान प्रबंधक राजेश कुमार सिंह, सेफ्टी ऑफिसर पंकज कुमार सिंह, ईएंडएम विभाग के अभिनव कुमार, रमेश कुमार सर्वे अधिकारी देव गुप्ता, बीएमएस के महामंत्री शशि भूषण सिंह, सीएमयू के सचिव पप्पू सिंह, नरेश मंडल, विकाश कुमार, अनिल पासवान,राजकुमार एसएम राजकुमार, ओम प्रकाश ओझा, नौसाद आलम सुरेश सहित कई अधिकारी, कर्मचारी एवं स्थानीय लोग मौजूद थे।








