सनातन परंपरा में अत्यधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखने वाले पुरुषोत्तम मास (मलमास) का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। पंचांग के अनुसार, 17 मई 2026 से शुरू हुआ यह पावन महीना आगामी 15 जून 2026 को समाप्त होने जा रहा है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस पूरे महीने में भगवान श्री विष्णु और उनके पूर्णावतार भगवान श्री कृष्ण की साधना-आराधना का अनंत गुना फल मिलता है।
यदि आप भी अपने जीवन से दुख-दरिद्रता को दूर कर सुख-सौभाग्य पाना चाहते हैं, तो पुरुषोत्तम मास के समाप्त होने से पहले ये विशेष उपाय जरूर कर लें:
1. तुलसी पूजा का महाउपाय (बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा)
भगवान विष्णु की प्रिय तुलसी जी की सेवा इस महीने में सबसे फलदायी मानी गई है।
- क्या करें: शाम के समय पूरी पवित्रता के साथ तुलसी के पौधे के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
- दीपक जलाने के बाद भगवान विष्णु के महामंत्र ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जप करते हुए तुलसी जी की परिक्रमा करें। इससे जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
2. पावन ग्रंथों का पाठ और श्रवण
अधिकमास के दौरान धार्मिक ग्रंथों के पाठ का विशेष महत्व है। इस महीने में पड़ने वाली पूर्णिमा, अमावस्या और एकादशी तिथि पर विधि-विधान से पूजा और व्रत रखने से लक्ष्मी-नारायण दोनों प्रसन्न होते हैं।
- क्या करें: समय निकालकर श्रीमद्भगवद्गीता, भागवत कथा, विष्णु सहस्त्रनाम या पुराणों का पाठ करें या इन्हें सुनें। मान्यता है कि इससे साधक के जीवन से बड़ा से बड़ा दुर्भाग्य भी टल जाता है।
3. ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ महामंत्र का जाप
मंत्रों में असीम शक्ति होती है, और मलमास के दौरान किया गया जाप सीधे ईश्वर तक पहुंचता है।
- क्या करें: प्रतिदिन सुबह या शाम की पूजा में तुलसी की माला से भगवान विष्णु के पावन मंत्र ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ जाप करें। यह उपाय मानसिक शांति और सफलता के द्वार खोलता है।
4. दान-पुण्य से चमकेगा भाग्य
पुरुषोत्तम मास में किए गए दान का फल कभी समाप्त नहीं होता। इस महीने के बचे हुए दिनों में अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, पीले फल या सत्तू का दान अवश्य करें।
ज्योतिष और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पुरुषोत्तम मास में की गई पूजा-अर्चना से कुंडली के कई दोष भी शांत होते हैं। 15 जून से पहले इन आसान उपायों को अपनाकर आप भी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
