पश्चिम बंगाल : राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तारीख 9 मई तय हो चुकी है, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। पार्टी ने अब तक किसी नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। इसी बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि भाजपा इस बार महिला मुख्यमंत्री भी चुन सकती है।
राजनीतिक गलियारों में सुभेंदु अधिकारी का नाम मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने ममता बर्नजी को लगातार दो बार हराकर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की है।
महिला चेहरों पर भी चर्चा तेज
संभावित महिला उम्मीदवारों में अंगामित्रा पॉल का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। आसनसोल दक्षिण सीट से उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के तापस बनर्जी को 40,839 वोटों से हराकर अपनी सीट बरकरार रखी। उन्हें कुल 1,19,582 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंदी को 78,743 वोट प्राप्त हुए। साल 2019 में भाजपा में शामिल होने के बाद वह महिला मोर्चा की प्रमुख बनीं और 2021 में पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचीं। जनवरी 2026 में उन्हें भाजपा का प्रदेश उपाध्यक्ष भी बनाया गया। राजनीति में आने से पहले वह एक प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर रह चुकी हैं और उनका अपना ब्रांड ‘Inga’ भी है।
इसी कड़ी में रूपा गांगुली का नाम भी चर्चा में है। वह करीब एक दशक से भाजपा से जुड़ी हैं और इस बार सोनारपुर दक्षिण सीट से तृणमूल कांग्रेस की अरुंधति मैत्रा को 35 हजार से अधिक वोटों से हराया। वह बीआर चोपड़ा के टीवी धारावाहिक महाभारत में द्रौपदी की भूमिका निभाकर काफी लोकप्रिय हुई थीं और 2016 से 2022 तक राज्यसभा सांसद भी रह चुकी हैं।
अन्य दावेदारों के नाम भी चर्चा में
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सामीक भट्टाचार्य, दिलीप घोष और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े Utpal Maharaj के नाम भी सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लेने के लिए बैठक कर सकता है।
केंद्रीय नेतृत्व करेगा अंतिम फैसला
सूत्रों के मुताबिक, नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत भाजपा के वरिष्ठ नेता एक-दो दिनों में बैठक कर मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगा सकते हैं। शुभेंदु अधिकारी को भी दिल्ली बुलाए जाने की चर्चा है।
भाजपा ने विधायक दल के नेता के चयन के लिए अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, जबकि मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है।
9 मई को शपथ, फैसले पर सबकी नजर
अब पूरे राज्य की नजर 9 मई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा किसी महिला चेहरे पर भरोसा जताती है या फिर अनुभवी नेतृत्व को मौका देती है। फिलहाल, मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बरकरार है।











