झारखंड के एक सात वर्षीय बालक ने वह कर दिखाया है जिसकी कल्पना भी कठिन है। नन्हे तैराक इशांक ने भारत और श्रीलंका के बीच स्थित पाल्क स्ट्रेट की 29 किलोमीटर की लहरों को मात देकर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को उन्हें और उनके परिवार को सम्मानित किया।
- 29 किलोमीटर ।
- लगातार 9 घंटे 50 मिनट की तैराकी।
- मुख्यमंत्री द्वारा सम्मान राशि, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने थपथपाई पीठ
राजधानी रांची में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इशांक के साहस की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, “इतनी कम उम्र में इशांक ने जो अनुशासन और इच्छाशक्ति दिखाई है, वह पूरे देश के लिए मिसाल है। यह झारखंड के लिए गर्व का क्षण है।”
खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
सीएम ने इस अवसर पर राज्य की खेल नीति पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इशांक जैसे हुनरमंद बच्चों को तराशने के लिए सरकार आधुनिक सुविधाएं और बेहतर प्रशिक्षण सुनिश्चित कर रही है। मुख्यमंत्री ने इशांक को भविष्य का अंतर्राष्ट्रीय सितारा बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।








