यंग एज में किडनी फेलियर का बढ़ा खतरा! डॉक्टर से जानिए युवाओं में क्यों बढ़ रही है यह बीमारी और क्या हैं बचाव के उपाय

सही जीवनशैली और थोड़ी-सी सतर्कता अपनाकर किडनी की बीमारियों से काफी हद तक बचाव संभव है।

Johar News Times
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एक समय था जब किडनी की बीमारियों को सिर्फ बढ़ती उम्र या बुजुर्गों से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। आज के समय में बड़ी संख्या में युवा भी इस गंभीर बीमारी का शिकार हो रहे हैं। युवाओं की कुछ आम आदतें उनकी किडनी को समय से पहले बूढ़ा और बीमार बना रही हैं।

आइए जानते हैं कि आखिर युवा क्यों इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।

आखिर क्यों खतरे में हैं युवा?

डॉ. योगेश कुमार छाबड़ा का मानना है कि युवाओं की खराब लाइफस्टाइल, खान-पान की गलत आदतें और बढ़ता मानसिक तनाव इसका सबसे बड़ा कारण हैं।

  • साइलेंट किलर बीमारियां: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फास्ट फूड, अत्यधिक नमक और चीनी का सेवन युवाओं की पहली पसंद बन गया है। इसका सीधा असर यह हो रहा है कि कम उम्र में ही लोग हाई ब्लड प्रेशर (High BP) और डायबिटीज (Diabetes) जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। यही वो दो मुख्य बीमारियां हैं जो आगे चलकर किडनी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं।

अनजाने में की जाने वाली ये 5 गलतियां पड़ रही हैं भारी

सिर्फ खानपान ही नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की कुछ अन्य आदतें भी किडनी के लिए दुश्मन साबित हो रही हैं:

  1. पानी की कमी: दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना।
  2. खराब डेली रूटीन: देर रात तक जागने की आदत और घंटों तक स्क्रीन (मोबाइल/लैपटॉप) के सामने बैठे रहना।
  3. नशा और धूम्रपान: स्मोकिंग और अल्कोहल का सेवन, जो किडनी की कार्यक्षमता को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।
  4. बिना सलाह पेनकिलर लेना (Self-Medication): हल्की सी परेशानी या बदन दर्द होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के लगातार पेनकिलर दवाएं खाना किडनी को फेल कर सकता है।
  5. मोटापा और सुस्ती: युवाओं में बढ़ता हुआ मोटापा और फिजिकल एक्टिविटीज (शारीरिक श्रम) की कमी भी किडनी रोगों को दावत दे रही है।

इन शुरुआती लक्षणों को न करें इग्नोर

डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि किडनी खराब होने के शुरुआती संकेतों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर शरीर में ये बदलाव दिखें, तो तुरंत सतर्क हो जाएं:

  • शरीर के हिस्सों (विशेषकर पैरों, टखनों या आंखों के नीचे) में सूजन आना
  • बिना ज्यादा मेहनत किए भी हर समय थकान और कमजोरी महसूस होना।
  • पेशाब में बदलाव आना (जैसे- बार-बार पेशाब आना, झाग बनना या रंग बदलना)।
  • अचानक से भूख कम हो जाना या उल्टी जैसा महसूस होना।

किडनी को सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टर के 5 टिप्स

समय रहते अगर जागरूकता अपनाई जाए, तो किडनी को गंभीर नुकसान से आसानी से बचाया जा सकता है। अपने लाइफस्टाइल में आज ही से ये बदलाव शामिल करें:

  • पौष्टिक आहार: अपने भोजन में हरी सब्जियां, फल शामिल करें और जंक फूड व एक्स्ट्रा नमक से तौबा करें।
  • एक्टिव रहें: खुद को शारीरिक रूप से एक्टिव रखें, नियमित रूप से व्यायाम या वॉक करें।
  • भरपूर पानी पिएं: शरीर की जरूरत के अनुसार खुद को हाइड्रेटेड रखें।
  • स्ट्रेस मैनेजमेंट: तनावपूर्ण जीवनशैली से बचें, योग और मेडिटेशन का सहारा लें।
  • नियमित जांच: साल में कम से कम एक बार अपना हेल्थ चेकअप (KFT, ब्लड शुगर और BP) जरूर करवाएं।

सही जीवनशैली और थोड़ी-सी सतर्कता अपनाकर किडनी की बीमारियों से काफी हद तक बचाव संभव है। अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें और किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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